हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी दोषी, उम्रकैद की सजा

ट्रायल कोर्ट का निर्णय पलटा; हत्या और साजिश का दोष सिद्ध, CBI की अपील मंजूर

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी दोषी, उम्रकैद की सजा

बिलासपुर। बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया ने नया मोड़ लेते हुए हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को दोषी ठहराया है। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उन्हें हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अमित जोगी (अमित ऐश्वर्या जोगी) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी माना गया है। अदालत ने उन पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त छह महीने की कठोर सजा का प्रावधान रखा गया है।

यह फैसला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से दायर अपील पर आया है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में पूर्व में सुनाए गए निर्णयों की समीक्षा करते हुए कोर्ट ने सजा का निर्धारण किया।

वहीं, शिकायतकर्ता सतीश जग्गी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को अदालत ने अप्रासंगिक बताते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि 4 अप्रैल 2024 के अपने पूर्व आदेश में अन्य आरोपियों की सजा और दोषसिद्धि की पुष्टि पहले ही की जा चुकी है, इसलिए यह याचिका अब प्रभावहीन हो गई है।

इस निर्णय के साथ ही प्रदेश के बहुचर्चित आपराधिक मामलों में शामिल इस केस में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निष्कर्ष सामने आया है, जिसने राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।