3 विकेट लेने का मतलब ये नहीं कि मैं कोई दावा कर रहा हूं’, पहली जीत के बाद भावुक हुए वरुण चक्रवर्ती का बड़ा बयान
कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 हार के बाद मिली पहली जीत। ड्रेसिंग रूम में क्यों रोने लगे सारे खिलाड़ी? दो टूटे हुए अंगूठों के साथ वरुण चक्रवर्ती ने कैसे पलटा राजस्थान के खिलाफ हारा हुआ मैच,
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए आखिरकार खुशियों भरा दिन आया। लगातार 6 हार झेलने के बाद, अपनी सातवीं कोशिश में KKR ने पहली जीत दर्ज की। राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ इस धमाकेदार जीत के हीरो रहे वरुण चक्रवर्ती, जिन्होंने अपनी जादुई गेंदबाजी से मैच पलटा फिर मैच के बाद ड्रेसिंग रूम का जो हाल बताया, उसे सुनकर किसी की भी आंखें नम हो जाएंगी।
ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के आंसू
मैच के बाद वरुण ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जीत के बाद ड्रेसिंग रूम में सब रो रहे थे। वरुण ने कहा, 'ड्रेसिंग रूम में आज बहुत आंसू थे। हमने इतने इमोशन्स तो तब भी नहीं देखे थे जब 2024 में हमने IPL जीता था। यह जीत हमारे लिए बहुत बड़ी और खास है।'
टूटी हुई उंगलियों के साथ खेला मैच
वरुण की यह परफॉरमेंस और भी खास इसलिए है क्योंकि वो भयंकर चोट से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले उनके एक हाथ की उंगली में फ्रैक्चर हो गया था, और फिर एक दूसरे मैच में एक और उंगली टूट गई। वरुण बोले, 'मेरे बाएं हाथ में दो फ्रैक्चर हैं। मैं फील्डिंग तो कर ही नहीं पा रहा हूं और दर्द भी काफी है, लेकिन मैं बस जैसे-तैसे मैनेज कर रहा हूं।'
RR की जीत पर वरुण ने लगाया ब्रेक
मैच में एक समय राजस्थान का स्कोर 8 ओवर में बिना किसी नुकसान के 79 रन था। ऐसा लग रहा था कि मैच KKR के हाथ से गया। तब 9वें ओवर में वरुण आए और सिर्फ 4 गेंदों के अंदर वैभव सूर्यवंशी को आउट कर अपना 200वां टी20 विकेट लिया। इसके बाद उन्होंने ध्रुव जुरेल और कप्तान रियान पराग को भी चलता किया। 4 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट लिए। यही था वो स्पेल जिसने पासा पलट दिया।
एक जीत से खुद को बड़ा नहीं मानता'
इतनी शानदार गेंदबाजी के बावजूद उन्होंने कहा, 'आज मैंने तीन विकेट लिए हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि मैं कोई बड़े-बड़े दावे करने लगूं। यह खेल का हिस्सा है। अगले मैच में अगर पिच सपाट हुई, तो हर स्पिनर की धुनाई होगी। जब पिच धीमी होती है, तभी हम असरदार साबित होते हैं। मैं खुद को लेकर बहुत सख्त हूं और सिर्फ अपनी कमियों पर काम करता हूं।' वरुण ने जीत का श्रेय कोच और अभिषेक नायर को दिया, जिन्होंने मुश्किल समय में टीम का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह छोटी सी शुरुआत KKR को वापस पटरी पर ले आएगी।
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