Nautapa कल से शुरू… छत्तीसगढ़ में पहले से ही दिख रहा असर, बेजुबान भी तोड़ रहे दम, IMD ने किया अलर्ट जारी
छत्तीसगढ़ में नौतपा से पहले ही भीषण गर्मी और लू का असर तेज हो गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षियों पर भी गंभीर असर देखा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश में नौतपा से पहले ही प्रचंड गर्मी और झुलसाती लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज गर्म हवाओं और लगातार बढ़ते तापमान के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी इसका गंभीर प्रभाव देखा जा रहा है। राज्य के कई जिलों में लू लगने से मौत और हीट स्ट्रोक जैसी घटनाएं सामने आई हैं, जिससे हालात और अधिक चिंताजनक हो गए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और गर्मी बढ़ने की चेतावनी दी है।
लू से मौत और हीट स्ट्रोक के मामले
जांजगीर में लक्ष्मी नारायण ओमरे और कसडोल में रामचंद्र श्रीवास की लू की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं धमतरी और कोरबा में अत्यधिक गर्मी और हीट स्ट्रोक के कारण सैकड़ों पक्षियों की मौत की खबर है, जिससे वन्यजीवों पर संकट गहरा गया है।
राजनांदगांव सबसे गर्म, 46 डिग्री तक पहुंचा पारा
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायपुर में अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अधिक है। बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर में भी तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।
‘फील टेंपरेचर’ ने बढ़ाई परेशानी
भीषण गर्मी के बीच लोगों को वास्तविक तापमान से भी अधिक गर्मी का अहसास हो रहा है। उमस, हवा की दिशा और नमी के कारण रायपुर में 44.3 डिग्री तापमान होने के बावजूद यह 48 डिग्री जैसा महसूस किया गया। पसीना न सूखने से लोगों को अधिक बेचैनी और असहजता का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख शहरों के तापमान
प्रदेश के प्रमुख शहरों में भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। रायपुर में अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बिलासपुर में 44.5 डिग्री सेल्सियस और जगदलपुर में 43.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। दुर्ग में पारा 45.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं राजनांदगांव सबसे गर्म रहा जहां तापमान 46.04 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते तापमान के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में लू और भीषण गर्मी का प्रभाव बना हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी और बिजली की समस्या
कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के मातालकुडूम गांव में हालात और भी गंभीर हैं। यहां करीब 18 परिवारों के पास न सड़क है, न बिजली और न ही पीने का साफ पानी। गांव का हैंडपंप लंबे समय से खराब है, जिसके कारण लोग डबरी और झिरिया का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
पक्षियों और वन्यजीवों पर भी असर
कोरबा के पाली क्षेत्र में स्थित नौकोनिया तालाब के किनारे भीषण गर्मी के कारण सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में इसे हीट स्ट्रोक का कारण बताया गया है। वहीं धमतरी में एक कबूतर की डिहाइड्रेशन से उड़ते-उड़ते मौत हो गई, जिससे पक्षियों पर गर्मी के प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आग की घटनाओं ने बढ़ाई मुश्किलें
रायगढ़ में छातामुड़ा चौक के पास कबाड़ी की दुकान में आग लगने से हीरो शोरूम भी चपेट में आ गया, जिससे 50 से अधिक बाइकें जलकर खाक हो गईं। इसी तरह कवर्धा के कुकदूर क्षेत्र में भी आगजनी की घटना में एक बैगा परिवार का घर जल गया, जिसमें नकदी, कपड़े और अनाज सहित कई सामान नष्ट हो गए।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में लू को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। राजस्थान से आ रही शुष्क और गर्म हवाओं के कारण पूरे प्रदेश में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
suntimes 