एसिड अटैक में इस्तेमाल तेजाब दुर्ग से खरीदा, दुकानदार पर केस
बालोद पुलिस की जांच में सामने आया खरीद का मामला; 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड के 250 रुपए चुकाए थे आरोपियों ने, बिक्री के वैध दस्तावेज नहीं मिले
दुर्ग-भिलाई। बालोद में युवती पर हुए एसिड अटैक के मामले में दुर्ग की एक दुकान की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल होने वाला 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड 250 रुपए में खरीदा था। तेजाब की बिक्री का वैध रिकॉर्ड और लाइसेंस उपलब्ध नहीं करा पाने पर दुकान संचालक शोभराज यदु के खिलाफ पद्मनाभपुर थाने में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ एसिड का विनियमन, प्रतिबंध, विक्रय और इस्तेमाल अधिनियम, 2013 की धारा 15(1) के तहत की है।
आरोपियों से पूछताछ में खुला खरीद का रास्ता
पुलिस के मुताबिक, बालोद मामले में गिरफ्तार यश कुमार सोनकर और करण कुंजाम ने 27 सितंबर को दुर्ग की साइंटिफिक प्रोडक्ट दुकान से तेजाब खरीदा था। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने संबंधित दुकान से बिक्री के दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। संचालक से तेजाब की बिक्री का हिसाब और आवश्यक रिकॉर्ड मांगा गया, लेकिन वह वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका।
घर लौटते समय युवती पर फेंका था तेजाब
घटना 5 अक्टूबर की है। बालोद निवासी 22 वर्षीय युवती एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। वह सुबह लाइब्रेरी गई थी। दोपहर करीब 12:15 बजे घर लौटते समय सिंचाई कॉलोनी में आत्मानंद स्कूल के पास उस पर पीछे से ज्वलनशील तरल पदार्थ फेंका गया।
हमले से युवती का चेहरा और दोनों हाथ बुरी तरह झुलस गए। उसकी आंखें नहीं खुल पा रही थीं। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर चिकित्सा के लिए रायपुर भेजा गया।
बातचीत के शक में रची थी हमले की साजिश
बालोद पुलिस ने मामले में यश कुमार सोनकर और करण कुंजाम को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच के अनुसार, यश को युवती के अन्य लड़कों से बातचीत करने पर शक था। इसी नाराजगी में उसने अपने दोस्त करण के साथ मिलकर हमला करने की योजना बनाई। पुलिस का आरोप है कि यश के कहने पर करण ने युवती पर तेजाब फेंका।
14 अक्टूबर को दुर्ग पुलिस तक पहुंचा मामला
बालोद पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर 14 अक्टूबर को ऑनलाइन सीसीटीएनएस के जरिए प्रकरण दुर्ग के पद्मनाभपुर थाने पहुंचा। पुलिस ने दुकान संचालक शोभराज यदु, निवासी सुभाष नगर, दुर्ग को नोटिस देकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, उसने आरोपियों को तेजाब बेचने की बात स्वीकार की।
इसके बाद बीएनएसएस की धारा 94 के तहत नोटिस जारी कर बिक्री लाइसेंस, बिक्री रजिस्टर और खरीदारों की पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगे गए। इनमें खरीदारों के नाम-पते, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड भी शामिल था। दस्तावेज नहीं मिलने पर संचालक के खिलाफ संबंधित अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
तेजाब की बिक्री की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) शोभराज अग्रवाल के मुताबिक, एसिड अटैक में इस्तेमाल किए गए तेजाब की खरीद दुर्ग की दुकान से होने की जानकारी के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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