बिजली बिलों में बढ़ोतरी के खिलाफ लालटेन रैली, कलेक्ट्रेट में जमकर प्रदर्शन
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाएँ और ग्रामीण उतरे सड़कों पर, सरकार पर लगाया पूंजीपतियों को फायदा पहुँचाने का आरोप
बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी से नाराज़ ग्रामीण और महिलाएँ सोमवार को लालटेन लेकर सड़कों पर उतरे। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के बैनर तले निकली रैली कलेक्ट्रेट पहुँची, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपकर दर वृद्धि वापस लेने की माँग की।
दुर्ग ज़िले में बिजली बिलों में हुई तेज़ बढ़ोतरी ने आम जनता का गुस्सा भड़का दिया है। सोमवार को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के बैनर तले सैकड़ों महिलाएँ और ग्रामीण लालटेन लेकर विरोध जताने कलेक्ट्रेट पहुँचे। वहाँ एक दिवसीय धरना देकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ ज़ोरदार नारेबाजी की और एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने की माँग रखी।
प्रदर्शन में शामिल जिला महामंत्री पप्पू मेश्राम ने कहा कि सरकार ने जनता को विकास के नाम पर ठगा है और अब हालात ऐसे बना दिए हैं कि लोग फिर से लालटेन जलाने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने में जुटी है, जबकि आम लोग महँगाई और बढ़े बिलों से त्रस्त हैं। मेश्राम ने चिंता जताई कि एक मध्यमवर्गीय परिवार को चार से पाँच हज़ार रुपये का मासिक बिजली बिल आना गंभीर संकट है, जिससे लोगों का जीवन-यापन प्रभावित हो रहा है।
वहीं, जिला संयोजक कामेश साहू ने कहा कि 25 साल पहले लोग मजबूरी में लालटेन जलाते थे, और आज सरकार ने जनता को उसी दौर में पहुँचा दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छत्तीसगढ़ सरप्लस बिजली वाला राज्य है तो फिर दरों में इतनी बढ़ोतरी किस आधार पर की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस फ़ैसले को वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन होगा। उनका कहना है कि सरकार को आम जनता के लिए राहत की नीति बनानी चाहिए और बिजली जैसी बुनियादी सुविधा पर बोझ कम करना चाहिए, अन्यथा जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने मजबूर होगी।
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