गंदे पानी से बिगड़ी सेहत: भिलाई में पीलिया फैलने से हड़कंप

गंदे पानी की सप्लाई पर उठे सवाल, पुरानी पाइपलाइन बनी वजह

गंदे पानी से बिगड़ी सेहत: भिलाई में पीलिया फैलने से हड़कंप

भिलाई के सेक्टर-7 इलाके में पीलिया (जॉन्डिस) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। गुरुवार को सूचना मिलते ही जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सड़क नंबर 37A, 37B व 37C में घर-घर जाकर सर्वे शुरू किया। अब तक 23 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं, जिनमें 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे अधिक हैं। इनमें से 5 मरीजों में पीलिया की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 6 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। दो बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ICU में रखा गया है।

जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को 10 में से 5 घरों में पीलिया के मरीज मिले। एक मरीज का बिलीरुबिन स्तर 11.4 तक पाया गया, जिसे तुरंत भर्ती कराने की सलाह दी गई। विभाग ने पूरे क्षेत्र के लोगों के सैंपल लेने और पानी की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं। पिछले तीन दिनों से टीम लगातार क्षेत्र में तैनात है और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।

जिला नोडल अधिकारी सी.बी.एस. बंजारे के अनुसार, पीलिया गंदे पानी, दूषित भोजन या अस्वच्छ खानपान से फैल सकता है। फिलहाल बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी। उन्होंने लोगों से उबला पानी पीने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।

वहीं स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने गंदे पानी की सप्लाई को इस समस्या का मुख्य कारण बताया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में 50-60 साल पुरानी पाइपलाइन होने के कारण कई जगह सीवरेज का पानी मिल जाता है। लंबे समय से शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

इलाके के निवासियों का कहना है कि नल से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसमें कीड़े तक दिखाई दे रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोग मजबूरी में बाजार से फिल्टर और आरओ का पानी खरीदकर पीने को विवश हैं। कई घरों में पेट दर्द, बुखार और लूज मोशन की शिकायत आम हो गई है।

जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल पाइपलाइन सुधारने और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में वाटर एटीएम लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।