तिरंगा रैली से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, अभिजीत दीपके बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरते
सीजेपी का आज शाम कनॉट प्लेस में प्रदर्शन का ऐलान, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; सेंट्रल पार्क दो दिन के लिए बंद, कुछ सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली में शुक्रवार को प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली को लेकर माहौल गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए दावा किया है कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उन पर नजर रख रहे हैं। पार्टी ने शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में कार्यक्रम करने की घोषणा की है। हालांकि, क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने और पार्क को दो दिनों के लिए बंद रखने के फैसले के चलते कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर तिरंगा रैली आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फैसले का भी विरोध कर रही है।
पार्टी का कहना है कि वह तिरंगा फहराकर और राष्ट्रगान गाकर अपनी मांगें सामने रखेगी। दूसरी ओर, कनॉट प्लेस और उसके आसपास बीएनएसएस की धारा 163 लागू है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रखने का निर्णय लिया है, हालांकि इसके पीछे का कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुलिस पर आरोप
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ्तारी की आशंका जताई। उन्होंने एक्स पर तस्वीरें साझा कर आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। दीपके ने कहा कि वह इससे डरने वाले नहीं हैं और तिरंगा फहराने के लिए जेल जाने की स्थिति में भी पीछे नहीं हटेंगे।
फिलहाल, दीपके के इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में गिरफ्तारी की आशंका और कथित निगरानी के दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती।
कनॉट प्लेस में पुलिस तैनात, ट्रैफिक पर भी असर संभव
रैली से पहले कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। यातायात पुलिस ने बताया है कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे से कुछ सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले बनाने, अतिरिक्त समय रखने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने आयोजकों और प्रदर्शनकारियों से प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के लिए चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त स्थान पर अनुमति देने पर विचार किए जाने की बात भी कही गई है।
गर्भवती पत्रकार को धक्का देने के आरोप पर भी मामला
दूसरी ओर, राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोप को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आवेदन पर सुनवाई करने की सहमति जताई है। आरोप के मुताबिक, 12 अक्टूबर को अदालत परिसर में मार्च के दौरान राहुल गांधी ने तीन महीने की गर्भवती पत्रकार को धक्का दिया था। उस दिन राहुल गांधी एसआईआर के खिलाफ याचिका दाखिल करने के सिलसिले में विपक्षी नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।
शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने यह मामला अदालत के समक्ष उठाया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि संबंधित मामलों में नोटिस जारी किए जा चुके हैं। न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची के अनुसार, मामले की सुनवाई 26 या 27 अक्टूबर को हो सकती है। अदालत ने याचिका और आवेदन दोनों को सूचीबद्ध करने की बात कही।
दिल्ली में एक तरफ तिरंगा रैली को लेकर प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में हैं, तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी से संबंधित आरोप पर संभावित सुनवाई को लेकर भी नजरें टिकी हैं।
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