धान खरीदी में सख्त कार्रवाई, 14 राइस मिल सील
कस्टम मिलिंग में भारी गड़बड़ी उजागर, 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त
धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने प्रशासन ने मुंगेली जिले में बड़ी कार्रवाई की है। कस्टम मिलिंग के दौरान अनियमितताओं की शिकायतों पर की गई छापामार जांच में ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और धान की कमी जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं। इसके बाद 14 राइस मिलों को सील करते हुए 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है।
रायपुर। धान खरीदी व्यवस्था को सुचारु और पारदर्शी बनाए रखने के लिए मुंगेली जिले में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में, राज्य आईसीसीसी से प्राप्त अलर्ट और मुख्य सचिव श्री विकासशील के निर्देशों के अनुपालन में जिले की विभिन्न राइस मिलों में संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान राजस्व, पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने कई राइस मिलों में कस्टम मिलिंग से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि कुछ राइस मिलों द्वारा धान का ओवरलोडिंग कर परिवहन किया जा रहा था, वहीं कई जगह रिसायक्लिंग और रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। कार्रवाई के दौरान उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज तथा नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी पाए जाने पर 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया।
इसके अलावा नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज और दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई, जबकि लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान कम पाया गया। जिला खाद्य अधिकारी श्री हुलेश डड़सेना ने बताया कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है।
आईसीसीसी से धान खरीदी पर कड़ी नजर
राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समितियों से धान उठाव का कार्य मिलर्स द्वारा किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से सतत निगरानी रखी जा रही है। धान परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस से ट्रैक किया जा रहा है।
यदि कोई वाहन समिति से धान उठाने के बाद लंबे समय तक एक ही स्थान पर रुकता है, मार्ग बदलता है या निर्धारित क्षमता से अधिक धान का परिवहन करता है, तो उसकी जानकारी कमांड सेंटर के पोर्टल पर तुरंत प्रदर्शित होती है। इसके आधार पर जिला स्तर पर अधिकारियों द्वारा त्वरित जांच और कार्रवाई की जा रही है।
अवैध धान भंडारण और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले की सीमाओं और चेक पोस्टों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। संदिग्ध वाहनों की सघन जांच, रात्रिकालीन गश्त और आंतरिक चेक पोस्टों पर तैनात टीमों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कोचियों और बिचौलियों के जरिए अवैध धान खपाने की किसी भी कोशिश पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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