कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन, बॉक्सिंग और पैरा शॉटपुट में तीन स्वर्ण सहित 30 पदकों का आंकड़ा पार
जैस्मिन लांबोरिया, प्रीति पवार और सोमन राणा ने दिलाया गोल्ड, ट्रिपल जंप में सिल्वर-ब्रॉन्ज भी मिला; पदक तालिका में भारत छठे स्थान पर पहुंचा
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को बॉक्सिंग और पैरा एथलेटिक्स में तीन स्वर्ण पदक जीतकर भारत ने अपने गोल्ड मेडल की संख्या आठ कर ली, जबकि कुल पदकों का आंकड़ा 30 पर पहुंच गया। इसके साथ ही भारतीय दल पदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, शनिवार रात सात भारतीय मुक्केबाज भी स्वर्ण पदक के मुकाबलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
ग्लासगो (ए)। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शनिवार को शानदार प्रदर्शन किया। महिला बॉक्सिंग में जैस्मिन लांबोरिया और प्रीति पवार ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, जबकि पैरा शॉटपुट की एफ-57 स्पर्धा में सोमन राणा ने सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए गोल्ड अपने नाम किया। इन जीतों के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या आठ हो गई है और कुल पदकों का आंकड़ा 30 तक पहुंच गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम पदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गई है।
महिला बॉक्सिंग के 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जैस्मिन लांबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की मिकाएला वॉल्स को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की सवाना डोलमागो को हराकर भारत के लिए एक और गोल्ड सुनिश्चित किया। दूसरी ओर पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जादुमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिकसन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
पैरा एथलेटिक्स की एफ-57 शॉटपुट स्पर्धा में सोमन राणा ने 13.40 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसी स्पर्धा में भारत के शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रजत पदक हासिल किया। एफ-57 वर्ग में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं, जबकि उनके ऊपरी शरीर की क्षमता सामान्य रहती है।
एथलेटिक्स की पुरुष ट्रिपल जंप स्पर्धा में भी भारत ने दो पदक अपने नाम किए। प्रवीण चित्रावेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता, जबकि सेल्वा प्रभु ने 16.52 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण जाम्बिया के जॉर्डन स्कॉट ने 16.72 मीटर की छलांग के साथ जीता।
भारत की स्वर्ण विजेता प्रीति पवार का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उल्लेखनीय रहा है। हरियाणा की इस युवा मुक्केबाज ने 2022 एशियन चैंपियनशिप और 2023 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीते थे। वे 2024 पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके बाद 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल और 2026 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी श्रेष्ठता साबित की। वर्तमान में उनकी ट्रेनिंग एनएस-एनआईएस पटियाला में चल रही है।
शनिवार रात भारत के सात और मुक्केबाज स्वर्ण पदक के मुकाबलों में उतरेंगे। इनमें साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, लवलीना बोरगोहेन, सचिन सिवाच, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बरवाल शामिल हैं। इन मुकाबलों में जीत मिलने पर भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
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