बाढ़-बारिश से बेहाल कई राज्य, बिहार में 50 लाख आबादी पानी से घिरी

यूपी में 26 जिलों पर बाढ़ का असर, लखीमपुर में शारदा ने निगले 7 घर; उत्तराखंड में भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित

बाढ़-बारिश से बेहाल कई राज्य, बिहार में 50 लाख आबादी पानी से घिरी

नई दिल्ली (ए)। लगातार बारिश ने देश के कई राज्यों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बड़ा बना हुआ है और करीब 50 लाख लोग प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे हैं। उत्तर प्रदेश में नदियों के बढ़े जलस्तर से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति है। उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से सड़कें बंद हो रही हैं, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश में आगामी दिनों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नाव से स्कूल पहुंच रहे बच्चे

बिहार के 15 जिलों की 575 पंचायतों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है। करीब 50 लाख की आबादी इसके असर में है। कटिहार में बाढ़ के कारण सरकारी स्कूल और कोचिंग सेंटर भी प्रभावित हुए हैं। कुछ स्थानों पर बच्चे नाव के सहारे पढ़ाई के लिए पहुंच रहे हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही आकाशीय बिजली को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

शारदा नदी के कटाव से खतरा

उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। 26 जिलों में बाढ़ के हालात बने हैं और करीब 4 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी है। लखीमपुर में शारदा नदी का कटाव तेज होने से तटवर्ती इलाकों में खतरा बढ़ गया है। बीते 24 घंटे में 7 मकान नदी में बह गए। नदी का कटाव जारी रहने से आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

आदि कैलाश मार्ग पर लैंडस्लाइड

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण सड़क बंद हो गई। दूसरी ओर रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। यात्रियों को हेलमेट पहनाकर मार्ग से आगे भेजा जा रहा है। कुछ दिन पहले हुए भूस्खलन में कई घोड़े-खच्चरों की मौत के बाद रास्ते में पड़े शवों से दुर्गंध फैलने और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें भी सामने आई हैं।

राजस्थान-एमपी में भी बारिश की संभावना

राजस्थान के 26 जिलों में 17 सितंबर तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को अजमेर और पाली समेत कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मध्य प्रदेश में पश्चिमी हिस्सों में 17 से 19 सितंबर तथा पूर्वी हिस्सों में 18 से 21 सितंबर के बीच बारिश होने की संभावना है। मौसम की स्थिति को देखते हुए कई इलाकों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है।