बर्फ से ढंका बद्रीनाथ धाम, उत्तर भारत में शीतलहर तेज; राजस्थान में मिली राहत

उत्तराखंड में झीलें जमनी शुरू, मध्य प्रदेश के 7 जिलों में शीतलहर; स्टडी में खुलासा– भारत का औसत तापमान दशक में 0.9°C बढ़ा

बर्फ से ढंका बद्रीनाथ धाम, उत्तर भारत में शीतलहर तेज; राजस्थान में मिली राहत

उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी से बद्रीनाथ धाम और कई झीलें जम गई हैं, वहीं राजस्थान में सप्ताह भर बाद सर्दी से मामूली राहत महसूस की गई। उधर, मध्य प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर ने हालात बिगाड़ दिए और दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

उत्तर भारत में ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है। हिमालयी राज्यों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिसके चलते उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम गुरुवार को नवंबर की पहली बर्फबारी के बाद पूरी तरह सफेद चादर में ढंक गया। यहां तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, जिससे मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर फिसलन बढ़ गई है।

इसी जिले की प्रसिद्ध शेषनेत्र झील भी जमने लगी है। वहीं 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित पिथौरागढ़ का आदि कैलाश इलाका भी भारी बर्फबारी की पकड़ में है, जहां अधिकांश झीलें जमी हुई नजर आ रही हैं। बर्फ से ढंके पहाड़ों और जमा हुए जलस्रोतों को देखने पर्यटक बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं, जिससे पर्यटक गतिविधि में तेजी आई है।

दूसरी ओर राजस्थान में मौसम ने थोड़ी नरमी दिखाई है। सप्ताहभर की कड़ाके की ठंड के बाद शुक्रवार को न्यूनतम तापमान लगभग 1 डिग्री बढ़ा और कई शहरों में पारा दो अंकों में पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह तक तापमान में खास गिरावट की संभावना नहीं है, हालांकि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण धुंध और स्मॉग ने दिनभर धूप का प्रभाव कम कर दिया।

मध्य प्रदेश में स्थिति और गंभीर बनी हुई है। बीते दो दिनों में ठंड से दो लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर सहित सात जिलों में शीतलहर दर्ज की गई। पचमढ़ी में इस सीजन पहली बार तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि नर्मदापुरम में विजिबिलिटी कम होकर 500 मीटर रह गई।

इसी बीच एक संयुक्त जलवायु अध्ययन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पिछले दशक (2015–2024) में भारत का औसत तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर दशक में च गर्म दिनों की संख्या 5 से 10 दिन तक बढ़ती जा रही है। 1950 के बाद से पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी भारत में सबसे गर्म दिनों के तापमान में 1.5 से 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। यह स्टडी भारत, नार्वे और नेपाल के जलवायु विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर तैयार की है।