उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा: 22 राज्यों में शीतलहर, यूपी में हालात सबसे खराब
यूपी में जीरो विजिबिलिटी से जनजीवन प्रभावित, 50 से अधिक ट्रेनें लेट; माउंट आबू 1° और पचमढ़ी 3.6° के साथ सबसे ठंडे शहर
देशभर में सर्दी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में तापमान और गिरने तथा कोहरे की तीव्रता बढ़ने की चेतावनी जारी की है।
नई दिल्ली (ए)। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित देश के बड़े हिस्से में शीतलहर का असर तेज़ी से बढ़ रहा है। खासकर उत्तर प्रदेश में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या समेत 27 जिलों में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे कई इलाकों में विजिबिलिटी शून्य तक पहुंच गई। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
घने कोहरे का सीधा असर रेल और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। प्रयागराज, देवरिया सहित कई रेलवे स्टेशनों पर 50 से अधिक ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि गोरखपुर समेत अन्य एयरपोर्ट्स से संचालित होने वाली 5 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।
इधर मध्य प्रदेश में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। गुरुवार को हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) का असर खत्म होते ही उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं ने सर्दी की धार और तेज कर दी है। राज्य के 4 शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे चला गया, जबकि 21 शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। माउंट आबू में पारा गिरकर 1.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं फतेहपुर में 1.6 और नागौर में 1.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 48 घंटों में ठंड और कोहरा और गहराने की संभावना है, जिससे आम लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
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