फिल्म में काम दिलाने का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो वायरल करने वाला आरोपी पटना से गिरफ्तार

इंस्टाग्राम पर दोस्ती, हीरोइन बनाने का लालच, फिर महीनों बंधक बनाकर किया शारीरिक और मानसिक शोषण — सूरजपुर पुलिस की कार्रवाई में चढ़ा आरोपी चितामणि

फिल्म में काम दिलाने का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो वायरल करने वाला आरोपी पटना से गिरफ्तार

भोजपुरी फिल्मों में करियर दिलाने का सपना दिखाकर पटना बुलाई गई युवती के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए सूरजपुर पुलिस ने बिहार में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से आपत्तिजनक सामग्री और उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

सूरजपुर। जिले के चांदनी थाना क्षेत्र की एक युवती के साथ फिल्म में हीरोइन और सिंगर बनाने का झांसा देकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने थाना चांदनी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2023 में उसकी इंस्टाग्राम पर पटना, बिहार निवासी चिंतामणि नामक व्यक्ति से पहचान हुई। सोशल मीडिया पर बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने उसे फिल्मों में काम दिलाने और ₹1.5 लाख प्रतिमाह देने का लालच देकर पटना बुलाया।

पीड़िता पटना पहुंची तो आरोपी ने उसे एक किराए के कमरे में ले जाकर उसका मोबाइल छीन लिया और उसे बंधक बनाकर रखा। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। लगभग एक माह बाद पीड़िता किसी तरह भागकर घर लौट आई, लेकिन आरोपी ने उसे फिर फोन कर पैसे की मांग की और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। डर के कारण पीड़िता दोबारा पटना पहुंची, जहां आरोपी ने फिर उसके साथ अनाचार किया और अश्लील वीडियो एवं फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से वायरल कर दिया।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर चांदनी थाने में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराएं 318(2), 127(3), 87, 64(2), 308(2), 351(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 67(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुख्ता साक्ष्य के साथ त्वरित गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो एवं एसडीओपी ओड़गी राजेश जोशी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम को पटना रवाना किया गया।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी चिंतामणि (उम्र 35 वर्ष) को पटना से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर 1 लैपटॉप और 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए जिनसे वीडियो और फोटो वायरल किए गए थे।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रूपेश कुंतल, प्रधान आरक्षक ईशित बेहरा, दीपक दुबे, सुशील तिवारी एवं आरक्षक विकास मिश्रा की सक्रिय भूमिका रही।