डॉ. अशोक कुमार पांडा संभालेंगे सेल की कमान, ACC ने CMD नियुक्ति को दी मंजूरी

भिलाई से दिल्ली तक वित्त प्रबंधन में छोड़ी मजबूत छाप, 1992 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में शुरू किया था करियर

डॉ. अशोक कुमार पांडा संभालेंगे सेल की कमान, ACC ने CMD नियुक्ति को दी मंजूरी

*स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) को नया नेतृत्व मिल गया है। केंद्र सरकार की मंत्रिमंडल नियुक्ति समिति (ACC) ने कंपनी के निदेशक (वित्त) डॉ. अशोक कुमार पांडा को चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले डॉ. पांडा अब देश की सबसे बड़ी इस्पात कंपनियों में से एक की कमान संभालेंगे।*

नई दिल्ली (ए)। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के नए अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में डॉ. अशोक कुमार पांडा की नियुक्ति को मंजूरी मिल गई है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने इस्पात मंत्रालय के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए उन्हें कंपनी का नया CMD नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से लेकर 31 दिसंबर 2029 तक अथवा अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

डॉ. पांडा वर्तमान में SAIL में निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने लंबे कार्यकाल के दौरान वित्तीय प्रबंधन, रणनीतिक योजना और संगठनात्मक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। SAIL में उनका सफर 17 अगस्त 1992 को प्रबंधन प्रशिक्षु के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने राउरकेला स्टील प्लांट और कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

साल 2021 में वे दिल्ली कॉर्पोरेट कार्यालय से भिलाई स्टील प्लांट पहुंचे, जहां उन्हें मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) की जिम्मेदारी सौंपी गई। भिलाई में कार्यकाल के दौरान उन्हें पदोन्नति मिली और 15 जून 2022 को वे कार्यकारी निदेशक (वित्त) बने। इसके बाद अप्रैल 2025 में उन्हें SAIL का निदेशक (वित्त) नियुक्त किया गया।

डॉ. पांडा को वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में गहरी विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने वित्तीय लेखांकन, लागत एवं बजट प्रबंधन, परियोजना वाणिज्यिक गतिविधियों, कोष संचालन, कराधान और रणनीतिक प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है। संगठन में उन्हें तेज निर्णय क्षमता, तकनीकी समझ और परिणाम आधारित कार्यशैली के लिए जाना जाता है।

उन्होंने SAIL की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कंपनी ने डीलिवरेजिंग अभियान के जरिए लगभग 20 हजार करोड़ रुपए के कर्ज में कमी लाई। इसके अलावा लागत नियंत्रण, कर बचत, ई-इनवॉइसिंग प्रणाली लागू करने और केंद्रीकृत वेतन प्रणाली को स्थिर करने जैसे कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाए गए।

डॉ. पांडा ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल करने के बाद SAIL में करियर शुरू किया था। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने XIM भुवनेश्वर से वित्त में विशेषज्ञता के साथ पीजीडीएम किया और बाद में बिजनेस फाइनेंस में पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त की।

अपने पूरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई संयुक्त उपक्रमों और सहायक कंपनियों के बोर्ड में नामित निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। संगठन में सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित करने और टीम को साथ लेकर चलने की उनकी शैली को विशेष रूप से सराहा जाता है।

SAIL के नए CMD के रूप में अब उनसे कंपनी के विस्तार, वित्तीय मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नई दिशा देने की उम्मीद की जा रही है।