भक्ति और आध्यात्म का संगम: दुर्ग में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन

इस्कॉन दुर्ग के आयोजन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, अंतरराष्ट्रीय कथावाचक ने सुनाई भागवत महिमा

भक्ति और आध्यात्म का संगम: दुर्ग में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन

दुर्ग। इस्कॉन दुर्ग द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का गुरुवार को भक्तिमय वातावरण के बीच सफल समापन हुआ। परम पूज्य एच.एच. भक्ति सिद्धार्थ स्वामी महाराज की प्रेरणा और कृपा से आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म और भक्ति का लाभ प्राप्त किया।

कथा का वाचन अंतरराष्ट्रीय कथावाचक एच.जी. प्रशांत मुकुंद प्रभु द्वारा किया गया। यह पहला अवसर था जब उन्होंने दुर्ग शहर में श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया। कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद् भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक जीवन के महत्व को विस्तार से समझाया।

प्रतिदिन जुटे सैकड़ों श्रद्धालु

सातों दिनों तक आयोजित कथा में प्रतिदिन लगभग 500 श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण किया। दुर्ग सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों से भी बड़ी संख्या में भक्तजन कार्यक्रम में शामिल हुए। कथा स्थल पर पूरे समय भक्ति और आध्यात्म का वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम में प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। भक्तों ने कथा के साथ-साथ प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक अरुण वोरा एवं जिला अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल शामिल हुए। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों के प्रसार का माध्यम बताया।

पूरे आयोजन का संचालन इस्कॉन दुर्ग के प्रभारी अनंत श्याम दास प्रभु के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं इस्कॉन के भक्तों द्वारा सुव्यवस्थित ढंग से संभाली गईं।

भागवत संदेश के प्रचार-प्रसार पर जोर

आयोजकों ने बताया कि कथा का उद्देश्य समाज में श्रीमद् भागवत के संदेश, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार करना है। सात दिवसीय आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में धार्मिक उत्साह और भक्ति भावना का विशेष संचार देखने को मिला।