लंग्स फेल हुए, वेंटिलेटर पर रहे…’ मजबूरी थी या लापरवाही? जानें क्यों राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर ने तोड़ा IPL प्रोटोकॉल!

लंग्स फेल हुए, वेंटिलेटर पर रहे…’ मजबूरी थी या लापरवाही? जानें क्यों राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर ने तोड़ा IPL प्रोटोकॉल!

राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर IPL मैच के दौरान डगआउट में फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा है, जिसके लिए ACSU ने उन्हें नोटिस थमा दिया है। भिंडर ने गंभीर मेडिकल इमरजेंसी के चलते फोन पास रखने की दलील दी है।

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL ) में टेबल टॉप पर रही राजस्थान रॉयल्स (RR) के मैनेजर रोमी भिंडर इस समय एक बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं। बीसीसीआई (BCCI) की एंटी-करप्शन और सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। मामला यह है कि गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मैच के दौरान उन्हें डगआउट में फोन इस्तेमाल करते देखा गया था।

आखिर क्या है पूरा मामला?

गुवाहाटी के मैदान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच के दौरान RR के मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में बैठकर अपना फोन चला रहे थे और उनके साथ युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी भी फोन में कुछ देखते नजर आए। इसके बाद उन्हें तुरंत नोटिस थमा दिया गया।

IPL का नियम क्या कहता है?

नियम के मुताबिक, खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ मैच के दौरान फोन, स्मार्टवॉच या कोई भी कम्युनिकेशन डिवाइस इस्तेमाल नहीं कर सकते। इन्हें स्टेडियम पहुंचते ही जमा करना पड़ता है। मैनेजर फोन रख तो सकते हैं, लेकिन सिर्फ ड्रेसिंग रूम के अंदर। डगआउट में इसका इस्तेमाल पूरी तरह बैन है।

क्या कोई मेडिकल इमरजेंसी थी?

खबरों की मानें तो रोमी भिंडर के फोन इस्तेमाल करने के पीछे एक गंभीर मेडिकल वजह बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, रोमी भिंडर के दोनों लंग्स (फेफड़े) खराब हो गए थे, जिसकी वजह से उन्हें एक हफ्ते तक वेंटिलेटर पर रहना पड़ा था। इस बीमारी के कारण उनका 10 किलो वजन कम हो गया है और उन्हें अस्थमा की भी शिकायत है। डॉक्टर ने उन्हें ज्यादा चलने या बार-बार सीढ़ियां चढ़ने से मना किया है।

रोमी के बचाव में ये कहा

सूत्रों का कहना है कि ड्रेसिंग रूम डगआउट से दूर था। वहां तक जाने के लिए उन्हें 50 कदम चलना पड़ता और 20 सीढ़ियां चढ़नी पड़तीं, जो उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं था। इसी वजह से उन्होंने डगआउट में ही फोन चेक कर लिया। दावा यह भी है कि वह किसी से बात नहीं कर रहे थे, बस फोन देख रहे थे। रोमी अब ACSU के अधिकारियों को अपनी मेडिकल रिपोर्ट दिखाकर अपनी बात समझाने की कोशिश करेंगे। अब देखना होगा कि बीसीसीआई उनकी इस मजबूरी को मानता है या उन पर कड़ी कार्रवाई होती है।