व्हाट्सएप APK फाइल से 4 लाख की साइबर ठगी, गुजरात से अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार
मोबाइल में इंस्टॉल करते ही ओटीपी और मैसेज हुए फॉरवर्ड, दुर्ग साइबर सेल की तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
भिलाई। व्हाट्सएप के जरिए भेजी गई एक APK फाइल ने भिलाई निवासी व्यक्ति को साइबर ठगी का शिकार बना दिया। मोबाइल में संदिग्ध फाइल इंस्टॉल करते ही आरोपी ओटीपी और अन्य महत्वपूर्ण संदेशों तक पहुंच बनाने में सफल हो गए और बैंक खाते से 4 लाख 2 हजार 728 रुपये उड़ा लिए। मामले में दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुजरात से अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार सेक्टर-5 भिलाई निवासी संजय झा ने 25 फरवरी 2026 को भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से एक APK फाइल भेजी गई थी। अनजाने में फाइल डाउनलोड कर इंस्टॉल करने के बाद मोबाइल में आने वाले ओटीपी और अन्य संदेश दूसरे नंबर पर स्वत: फॉरवर्ड होने लगे। इसी का फायदा उठाकर ठगों ने उनके बैंक खाते से लाखों रुपये की अवैध निकासी कर ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन गुजरात में ट्रेस की गई।
इसके बाद भिलाई नगर थाना पुलिस की टीम गुजरात पहुंची और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अच्छे लाल यादव (37) और जोखन प्रसाद यादव (49) निवासी सिलवासा, दादरा एवं नगर हवेली के रूप में हुई है।
जांच के दौरान पुलिस को मामले में एक से अधिक लोगों की संलिप्तता मिली, जिसके बाद प्रकरण में बीएनएस की धारा 3(5) भी जोड़ी गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन, डिजिटल साक्ष्य और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबरों से आने वाली APK फाइल, संदिग्ध लिंक या एप्लीकेशन को मोबाइल में डाउनलोड और इंस्टॉल करने से बचें। किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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