कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की ताजपोशी पर सबकी नज़र: दुर्ग-भिलाई से 100 आवेदन, तीनों जिलों में पुराने चेहरे ही सबसे आगे

दुर्ग ग्रामीण से राकेश ठाकुर, शहर से धीरज बाकलीवाल और भिलाई से मुकेश चंद्राकर की दावेदारी मजबूत; आलाकमान तक पहुंची रिपोर्ट, अब बस ऐलान बाकी

कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की ताजपोशी पर सबकी नज़र: दुर्ग-भिलाई से 100 आवेदन, तीनों जिलों में पुराने चेहरे ही सबसे आगे

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया अब निर्णायक दौर में है। दुर्ग-भिलाई में जिला अध्यक्षों के चयन को लेकर मंथन तेज है। करीब 100 कार्यकर्ताओं ने आवेदन दिए हैं, मगर असली मुकाबला सीमित चेहरों के बीच सिमट गया है। आलाकमान को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा का इंतजार है।

दुर्ग। दुर्ग-भिलाई कांग्रेस जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रही सरगर्मी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू ने कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा कर रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंप दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, तीनों जिलों — दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर और भिलाई शहर — में पुराने चेहरों की दावेदारी सबसे मजबूत बनी हुई है।

दुर्ग शहर कांग्रेस : धीरज और आर.एन. वर्मा रेस में आगे

दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए धीरज बाकलीवाल और आर.एन. वर्मा सबसे मजबूत दावेदार बताए जा रहे हैं। दोनों ही संगठन में वर्षों से सक्रिय हैं और कार्यकर्ताओं के बीच गहरी पकड़ रखते हैं। शहर इकाई में पांच से अधिक नाम सामने आए हैं, लेकिन सक्रियता, संगठनात्मक योगदान और युवा नेतृत्व के कारण धीरज बाकलीवाल की संभावनाएं अधिक मानी जा रही हैं।

मंच पर पर्यवेक्षक अजय कुमार लल्लू के साथ तमाम सीनियर नेता रहे मौजूद।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने हाल ही में साफ किया है कि 50 वर्ष से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में उम्र के समीकरण से भी धीरज बाकलीवाल को बढ़त मिलती दिख रही है।

दुर्ग ग्रामीण कांग्रेस : राकेश ठाकुर का दोबारा मौका लगभग तय

दुर्ग ग्रामीण में मौजूदा अध्यक्ष राकेश ठाकुर का दोबारा चयन लगभग तय माना जा रहा है। चार महीने पहले उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई थी और तब से वे किसानों, मजदूरों और आम जनता के मुद्दों पर लगातार सक्रिय हैं। संगठन में उनकी छवि जमीनी नेता की बनी हुई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि राकेश ठाकुर का तालमेल प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से भी अच्छा है, इसलिए किसी बड़े समीकरण में बदलाव न हुआ तो उनकी पुनर्नियुक्ति तय है।

भिलाई जिला कांग्रेस : मुकेश चंद्राकर पर सहमति की स्थिति

भिलाई शहर कांग्रेस में स्थिति सबसे जटिल मानी जा रही है। यहां मौजूदा अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर दोबारा मजबूत दावेदार हैं। उनका सहज स्वभाव और सभी गुटों के बीच संतुलन बनाए रखने की क्षमता उनके पक्ष में जा रही है।

हालांकि विधायक की पसंद साकेत चंद्राकर भी रेस में हैं। कुर्मी समाज से आने वाले इन दोनों नेताओं के बीच जातिगत समीकरण का असर भी पड़ सकता है। वहीं महिला प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा में पूर्व महापौर नीता लोधी और वरिष्ठ नेता बृजमोहन सिंह के नाम भी शामिल हैं।

भिलाई में आवेदन की भरमार, पर्यवेक्षक के लिए चुनौती

भिलाई शहर से लालचंद वर्मा, लक्ष्मीपति राजू और डी. कामराजू समेत कई सीनियर नेताओं ने आवेदन दिया है। महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर नीता लोधी के आवेदन ने पर्यवेक्षकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं दुर्ग शहर में भी लगभग 30 से अधिक कार्यकर्ताओं ने आवेदन भरे हैं।

आयु और आपराधिक रिकॉर्ड पर भी रखी जा रही नज़र

इस बार आवेदन पत्र में आपराधिक मामलों और निष्कासन संबंधी विवरण देना अनिवार्य किया गया है। साथ ही आवेदक को अपने पूर्व पदों, संगठन में भूमिका और जनाधार की जानकारी भी देनी पड़ी है। पार्टी ने साफ किया है कि केवल सक्रिय, समर्पित और बेदाग छवि वाले नेताओं को ही जिम्मेदारी दी जाएगी।

2028 की तैयारी के तहत हो रहा संगठन पुनर्गठन

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह पूरा पुनर्गठन 2028 विधानसभा चुनावों की रणनीति का हिस्सा है। आलाकमान ऐसे जिला अध्यक्ष चाहता है, जो न केवल जमीनी स्तर पर सक्रिय हों बल्कि युवाओं को जोड़ने में भी सक्षम हों। दुर्ग-भिलाई संगठन को प्रदेश कांग्रेस का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। रायशुमारी की रिपोर्ट दिल्ली आलाकमान को भेज दी गई है। अब बस नामों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।