होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की सख्ती, बोला—एक बूंद तेल भी बाहर नहीं जाने देंगे

जहाजों की आवाजाही पर नई शर्त, इजराइल-अमेरिका के राजदूत निकालने वाले देशों को ही मिलेगी अनुमति

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की सख्ती, बोला—एक बूंद तेल भी बाहर नहीं जाने देंगे

तेल अवीव/तेहरान (ए)। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को लेकर कड़ा बयान दिया है। ईरान की सेना से जुड़े इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने संकेत दिया है कि इस समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही कुछ शर्तों के साथ ही संभव होगी।

ईरान के मुताबिक जिन देशों ने अपने यहां से इजराइल और अमेरिका के राजदूतों को निष्कासित किया होगा, उनके जहाजों को ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह का प्रतिबंध या तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है।

इससे पहले 2 मार्च को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास पलाऊ के झंडे वाले जहाज ‘स्काईलाइट’ को निशाना बनाया था, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था।

इधर खबरें यह भी सामने आई हैं कि ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों से सुरक्षा शुल्क वसूलने की योजना बना रहा है। खासकर अमेरिका के सहयोगी देशों के जहाजों पर यह शुल्क लगाया जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पर प्रतिबंध या अतिरिक्त शुल्क लागू होता है तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।