अमन और आस्था के माहौल में मनाई गई बकरीद, ईदगाहों में उमड़ी भीड़

छत्तीसगढ़ में वक्फ बोर्ड की गाइडलाइन लागू, खुले में कुर्बानी और डीजे पर सख्ती

अमन और आस्था के माहौल में मनाई गई बकरीद, ईदगाहों में उमड़ी भीड़

रायपुर। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व शनिवार को छत्तीसगढ़भर में धार्मिक आस्था, भाईचारे और सौहार्द के माहौल में मनाया गया। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों की ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विशेष नमाज अदा कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी।

राजधानी रायपुर की बड़ी ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ी, वहीं रायगढ़ के घड़ी चौक स्थित कदमी ईदगाह में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। त्योहार के मद्देनजर प्रशासन और छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड की ओर से सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष Dr. Salim Raj ने बताया कि प्रदेशभर में पूर्व से जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराया गया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं दी गई है। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के भीतर ही करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही धार्मिक आयोजनों में डीजे बजाने पर भी रोक लगाई गई है।

वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था स्वच्छता बनाए रखने और सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।

त्योहार के अवसर पर बकरों की खरीदारी भी आकर्षण का केंद्र रही। रायगढ़ समेत कई जिलों में कुर्बानी के लिए एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक कीमत वाले बकरे खरीदे गए। पंजाब से बीटल नस्ल के विशेष बकरे मंगाए गए, वहीं ओडिशा और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में बकरों की आवक हुई।

नगर निगम और प्रशासनिक टीमों को त्योहार के दौरान साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। कई स्थानों पर अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की गई ताकि कुर्बानी के बाद स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो।

प्रदेशभर में बकरीद का पर्व शांति, अनुशासन और आपसी भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हुआ।