आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही भिलाई में टिकट की दौड़ तेज

70 वार्डों में 23 OBC, 9 SC और 3 ST सीटें; 19 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, कई सिटिंग पार्षदों को तलाशना होगा नया ठिकाना

आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही भिलाई में टिकट की दौड़ तेज

भिलाई। भिलाई नगर निगम चुनाव 2026 के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही राजनीतिक दलों के सामने उम्मीदवार चयन की नई चुनौती खड़ी हो गई है। 70 वार्डों के आरक्षण में OBC, SC, ST और महिला वर्ग के लिए सीटें तय होने से चुनावी समीकरण बदल गए हैं। सबसे बड़ा असर उन सिटिंग पार्षदों पर पड़ा है, जिनके मौजूदा वार्ड आरक्षित श्रेणी में चले गए हैं। अब उन्हें पार्टी से दूसरे वार्ड में टिकट हासिल करने के लिए नए सिरे से राजनीतिक जमीन तैयार करनी होगी।

70 वार्डों में किस वर्ग को कितनी सीटें

नगर निगम के 70 वार्डों में OBC के लिए 23 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें 8 OBC महिला और 15 OBC सामान्य वार्ड शामिल हैं। SC के लिए 9 और ST के लिए 3 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। सामान्य वर्ग के हिस्से में 24 वार्ड आए हैं। इनमें 11 सीटें सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

आरक्षण के बाद बदले कई नेताओं के समीकरण

वार्ड आरक्षण की घोषणा से उन नेताओं की चिंता बढ़ गई है, जो लंबे समय से अपने क्षेत्र में चुनाव की तैयारी कर रहे थे। मौजूदा पार्षदों के सामने भी स्थिति बदल गई है। जिन वार्डों का आरक्षण उनके अनुकूल नहीं रहा, वहां से चुनाव लड़ने की संभावना खत्म हो सकती है। ऐसे में अब आसपास के वार्डों में राजनीतिक पकड़ और संगठन में प्रभाव टिकट के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कांग्रेस की 9 वार्डों पर आपत्ति

कांग्रेस ने आरक्षण प्रक्रिया के कुछ हिस्सों पर सवाल उठाए हैं। जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के अनुसार एससी-एसटी के 9 वार्डों के आरक्षण में बदलाव को लेकर पार्टी की आपत्ति है। कांग्रेस का तर्क है कि आरक्षण की चक्रिय व्यवस्था और परिसीमन के बाद हुए बदलावों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। पार्टी आपत्ति के निराकरण के बाद आगे की रणनीति तय करेगी।

भाजपा ने कहा- नियमों के तहत हुआ आरक्षण

भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने आरक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर नियमों का पालन किया गया है। उन्होंने कांग्रेस की आपत्तियों को निराधार बताते हुए कहा कि भाजपा 70 वार्डों में चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। पार्टी में नए चेहरों, युवाओं और महिलाओं को भी मौका दिया जाएगा।

कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई प्रक्रिया

आरक्षण की प्रक्रिया सिविक सेंटर के कला मंदिर में आयोजित की गई। दुर्ग कलेक्टर अभिजित सिंह ने प्रक्रिया की अध्यक्षता की। प्रशासन की ओर से वार्डवार जनसंख्या तथा एससी-एसटी आबादी के आंकड़ों को तैयार करने के बाद आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई।

महिला दावेदारों के लिए खुले नए अवसर

आरक्षण के बाद महिला दावेदारों के लिए भी राजनीतिक मैदान में नए अवसर बने हैं। OBC महिला के लिए 8 और सामान्य महिला के लिए 11 वार्ड आरक्षित होने से दोनों प्रमुख दलों में महिला नेताओं की दावेदारी बढ़ने की संभावना है। कई वार्डों में नए चेहरों को मौका मिलने के आसार हैं।

अब शुरू होगा टिकट का असली खेल

आरक्षण के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रत्याशी चयन की होगी। कौन सा सिटिंग पार्षद किस वार्ड से दावेदारी करेगा और किस नए चेहरे को मौका मिलेगा, इसे लेकर पार्टी स्तर पर मंथन शुरू होगा। सामान्य वार्डों में पुराने दावेदार सक्रिय होंगे, जबकि आरक्षित वार्डों में नए नामों की तलाश तेज होने की संभावना है। इस तरह आरक्षण ने चुनाव की जमीन तैयार कर दी है और अब नजरें राजनीतिक दलों की टिकट घोषणा पर रहेंगी।