एचडीएफसी बैंक की कमाई में तेजी, तिमाही मुनाफा ₹19,510 करोड़
कर्ज कारोबार 16.3% और जमा राशि 18.8% बढ़ी; नेट एनपीए घटकर 0.37% पर आया, डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा ने छोड़ा पद
मुंबई। देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक ने सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों में लाभ दर्ज किया है। जुलाई से सितंबर 2026 के बीच बैंक का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की तुलना में करीब 5% बढ़कर ₹19,510 करोड़ रहा। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹18,641 करोड़ था। बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी वृद्धि हुई, वहीं कर्ज की गुणवत्ता बेहतर होने के संकेत मिले हैं।
तिमाही के दौरान बैंक की शुद्ध ब्याज आय बढ़कर ₹34,619 करोड़ हो गई, जो पिछले साल के ₹31,550 करोड़ के मुकाबले करीब 10% अधिक है। बाजार के विश्लेषकों ने बैंक के मुनाफे के ₹19,567 करोड़ और शुद्ध ब्याज आय के ₹34,861 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया था। वास्तविक नतीजे इन अनुमानों के करीब रहे, हालांकि दोनों आंकड़े अनुमान से थोड़े नीचे रहे।
ग्राहकों को कर्ज देने में तेजी, जमा भी बढ़ी
बैंक के कारोबार का विस्तार कर्ज और जमा दोनों क्षेत्रों में दिखाई दिया। 30 सितंबर 2026 तक बैंक का कुल सकल कर्ज सालाना आधार पर 16.3% बढ़कर ₹32.19 लाख करोड़ हो गया। इसी अवधि में ग्राहकों की कुल जमा राशि 18.8% की बढ़ोतरी के साथ ₹33.27 लाख करोड़ पर पहुंच गई।
बचत और चालू खातों में जमा राशि में 10.8% की वृद्धि दर्ज की गई। बैंक की कुल जमा में इन खातों का योगदान 31.6% रहा। दूसरी ओर, फिक्स्ड डिपॉजिट में 22.8% की बढ़ोतरी हुई। आंकड़े बताते हैं कि बैंक के पास जमा संसाधनों में वृद्धि के साथ कर्ज वितरण का दायरा भी बढ़ा है।
कर्ज की गुणवत्ता में सुधार से राहत
एचडीएफसी बैंक के लिए परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी राहत भरी स्थिति रही। सितंबर तिमाही में नेट एनपीए अनुपात घटकर 0.37% पर आ गया, जबकि जून तिमाही में यह 0.41% और पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 0.42% था। इस गिरावट से संकेत मिलता है कि बैंक के शुद्ध कर्ज के मुकाबले फंसे कर्ज का अनुपात कम हुआ है।
बैंक के प्रबंधन ने भी कर्ज वसूली और जोखिम प्रबंधन को कारोबार की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया है। बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता बैंक की वित्तीय स्थिति और भविष्य के प्रदर्शन के आकलन में अहम भूमिका निभाती है।
आने वाली तिमाही पर प्रबंधन की नजर
प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन ने तिमाही प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि बैंक की कमाई अच्छी रही है। खुदरा ग्राहकों और छोटे कारोबारियों को दिए जाने वाले कर्ज में वृद्धि ने कारोबार को गति दी है। उन्होंने आगामी तीन महीनों में मुनाफे के मार्जिन में सुधार की संभावना भी जताई।
वरिष्ठ प्रबंधन में बदलाव
बैंक में नेतृत्व से जुड़े बदलाव भी चर्चा में हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अनूप बागची 27 अक्टूबर से नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इसी बीच डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा ने इस्तीफा दे दिया है। बागची ने बैंक की ऋण वसूली व्यवस्था और कर्ज प्रबंधन को मजबूत बनाने में भरूचा तथा उनकी टीम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
शेयर बाजार में दबाव बरकरार
वित्तीय नतीजों से पहले एचडीएफसी बैंक के शेयर में मामूली तेजी दर्ज की गई थी। शुक्रवार को यह 0.28% बढ़कर ₹728.85 पर बंद हुआ। हालांकि, पूरे वर्ष 2026 के दौरान बैंक के शेयर में 26% से अधिक गिरावट आ चुकी है। ऐसे में तिमाही नतीजों के बाद निवेशक बैंक की कमाई में आगे होने वाली वृद्धि, जमा की लागत, कर्ज की गुणवत्ता और लाभ के मार्जिन पर नजर रखेंगे।
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