छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 13 IAS अफसरों की पदस्थापना बदली

प्रियंका शुक्ला को समग्र शिक्षा और पाठ्यपुस्तक निगम का अतिरिक्त प्रभार, पदुम सिंह एल्मा को बेवरेजेस कॉर्पोरेशन

छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 13 IAS अफसरों की पदस्थापना बदली

केंद्रीय नेतृत्व के रायपुर आगमन से ठीक एक दिन पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा reshuffle करते हुए 13 IAS अधिकारियों की पदस्थापना बदल दी है। सचिव, आयुक्त, संचालक और प्रबंध संचालक स्तर पर किए गए इस फेरबदल में शिक्षा, स्वास्थ्य, मार्कफेड और बेवरेजेस जैसे प्रमुख विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने गुरुवार देर शाम 13 IAS अधिकारियों का व्यापक तबादला आदेश जारी किया, जिसके बाद राज्य की नौकरशाही में नई ऊर्जा और नई भूमिकाओं का समीकरण तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के रायपुर दौरे से पहले किए गए इस बदलाव को सरकार की महत्वपूर्ण प्रशासनिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

2008 बैच की IAS शिखा राजपूत तिवारी को आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा से स्थानांतरित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग का सचिव बनाया गया है। वहीं 2009 बैच की डॉ. प्रियंका शुक्ला को स्वास्थ्य विभाग से हटाकर आयुक्त, समग्र शिक्षा का दायित्व दिया गया है। इसके साथ ही वे पाठ्यपुस्तक निगम की अतिरिक्त प्रबंध संचालक भी होंगी।

किरण कौशल (IAS 2009) को मार्कफेड के MD पद से मंत्रालय में सचिव के रूप में पदस्थ किया गया है। 2010 बैच के पदुम सिंह एल्मा को CSMCL का प्रबंध संचालक बनाया गया है और साथ ही उन्हें बेवरेजेस कॉर्पोरेशन का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सरकार ने उनके कार्यभार ग्रहण करते ही इस पद को प्रवर श्रेणी वेतनमान के समकक्ष भी घोषित कर दिया है।

2011 बैच के IAS संजीव कुमार झा को संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं नियुक्त किया गया है और उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 2012 बैच के IAS जितेंद्र कुमार शुक्ला को मार्कफेड का नया MD बनाया गया है।

इसके अलावा रितेश अग्रवाल (IAS 2012) को आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि इफ्फत आरा, संतन देवी जांगड़े, सुखनाथ अहिरवार, डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, रीता यादव और लोकेश कुमार को भी नए विभाग और भूमिकाएं सौंपी गई हैं।

सरकार के इस कदम को आगामी महीनों में प्रशासनिक गति बढ़ाने और प्रमुख योजनाओं में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।