छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट
कोरबा में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित, अगले चार दिनों तक 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना
रायपुर। प्रदेश में शनिवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिसके चलते कोरबा जिले में तेज बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिला। दोपहर बाद शुरू हुई बारिश ने औद्योगिक क्षेत्रों कुसमुंडा, दीपका, दर्री और बालको सहित आसपास के इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
कोरबा जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के मध्य क्षेत्र में अधिकतम तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक कम हुआ है, जबकि अन्य क्षेत्रों में तापमान लगभग स्थिर बना हुआ है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं दुर्ग में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ओरछा में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सबसे ज्यादा रही।
मौसम विभाग ने किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बदलते मौसम के कारण फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
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