छापे से पहले गायब हुआ 25 करोड़ की रंगदारी का आरोपी, पुलिस के 6 ठिकानों पर खाली हाथ पहुंचने का दावा
शोएब ढेबर की तलाश में रायपुर पुलिस की कई टीमें सक्रिय, रेड की सूचना लीक होने के संदेह में कॉन्स्टेबल पर कार्रवाई; दूसरे राज्यों तक बढ़ाई तलाश
रायपुर। 25 करोड़ रुपए की कथित रंगदारी के मामले में पुलिस की कार्रवाई से पहले ही आरोपी के ठिकाने बदलने का संदेह गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को धमकी देने के आरोप में शोएब ढेबर की तलाश में पुलिस ने बुधवार को करीब आधा दर्जन स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। पुलिस अब उसके राज्य से बाहर जाने की संभावना को देखते हुए दूसरे राज्यों में भी जानकारी जुटा रही है। वहीं, छापेमारी की गोपनीय सूचना लीक होने के मामले ने पुलिस विभाग के भीतर भी जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
रायपुर में 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आरोपी शोएब ढेबर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बुधवार को उसके कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस टीमों ने पाम बेलाजिओ स्थित ठिकाने, बैरन बाजार के पारिवारिक आवास सहित करीब 6 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। लेकिन कार्रवाई के दौरान शोएब वहां मौजूद नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि उसे छापेमारी की जानकारी पहले ही मिल गई थी और उसने समय रहते अपना ठिकाना बदल लिया।
इस मामले में पुलिस अब केवल आरोपी की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्रवाई से जुड़ी गोपनीय जानकारी बाहर जाने के पहलू की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट में तैनात कॉन्स्टेबल शिवम द्विवेदी को लाइन अटैच किया गया है। उन पर दबिश की जानकारी लीक होने से जुड़ी लापरवाही का आरोप है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अब तक आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अदालत से अनुमति मिलने के बाद फिर शुरू हुई तलाश
शोएब ढेबर को दोबारा गिरफ्तार करने की अनुमति अदालत से मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश का दायरा बढ़ाया है। संभावित ठिकानों के साथ उसके संपर्कों और आवाजाही से संबंधित जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं। दूसरे राज्य में छिपे होने की आशंका के चलते पुलिस वहां भी संभावित स्थानों की पड़ताल कर रही है।
विदेशी नंबर से आया था धमकी भरा संदेश
पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर को कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को विदेशी नंबर से वॉट्सऐप संदेश भेजकर 25 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। रकम नहीं देने पर उन्हें और उनके परिवार को धमकी दिए जाने का आरोप है। जांच के दौरान शोएब ढेबर की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ना पड़ा। अब अदालत से अनुमति मिलने के बाद उसकी दोबारा गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पूर्व महापौर से 50 करोड़ मांगने का मामला भी जांच के दायरे में
इससे पहले पूर्व महापौर एजाज ढेबर को भी 50 करोड़ रुपए की रंगदारी के लिए धमकी मिलने का मामला सामने आया था। इसमें बिश्नोई गैंग और अमन साव गैंग के नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई थी। एजाज ढेबर ने इस संबंध में कोतवाली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस दोनों प्रकरणों के बीच किसी संभावित कड़ी की जांच कर रही है। फिलहाल शोएब की तलाश और गोपनीय सूचना लीक होने के मामले में जांच जारी है।
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