नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासत गरमाई, भाजपा ने विपक्ष पर लगाए महिला अधिकार रोकने के आरोप
दुर्ग में प्रेस वार्ता के दौरान संदीप शर्मा बोले- महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास, राजनीतिक स्वार्थ में अटका विपक्ष
दुर्ग। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दुर्ग जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ राज्य खाद आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने इसे महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।
संदीप शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को नीति-निर्धारण की मुख्यधारा से जोड़ने और संसद व विधानसभाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण पहल को बाधित करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए और सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक महिलाओं के सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित रखा गया, जबकि व्यवहारिक स्तर पर उन्हें बराबरी का अवसर देने में देरी की गई। अब भी कुछ दल महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत होते नहीं देखना चाहते।
संदीप शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है तथा आने वाले समय में इस दिशा में और ठोस कदम उठाए जाएंगे।
प्रेस वार्ता में भाजपा के कई पदाधिकारी, महिला मोर्चा की प्रतिनिधि तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
suntimes 