बस्तर के 3056 गांवों तक पहुंचा मोबाइल नेटवर्क, दो साल में 5 हजार से अधिक स्कूल खुले

बस्तर के 3056 गांवों तक पहुंचा मोबाइल नेटवर्क, दो साल में 5 हजार से अधिक स्कूल खुले

बस्तर संभाग के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। पिछले दो वर्षों में 3056 गांवों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंच चुका है।

मुख्य सचिव विकासशील ने गुरुवार को मंत्रालय में नियद नेल्लानार योजना के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने योजना के अंतर्गत आगामी कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों से विचार-विमर्श भी किया। नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर क्षेत्र के सुदूर वनांचल गांवों तक बिजली की लाइनें पहुंची हैं। गांवों में मुक्त बिजली कनेक्शन और सोलर लाइट लगाई गई है। मनरेगा से स्थानीय रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के मकान बनाए गए हैं। क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में अब ग्रामीण को राशनकार्ड, उज्जवला गैस, बैंक पास बुक जैसी अनेक व्यक्तिमूलक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राही उठा रहे हैं।

दो साल में 5 हजार से अधिक स्कूल खोले

बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले दो वर्षों में 5016 प्राथमिक शालाएं, 8947 आंगनबाड़ी केन्द्र खोले गए हैं। नियद नेल्लानार योजना में शामिल ग्रामों में आयुष्मान मंदिर बनाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। 3056 ग्रामों में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाया गया है। इसी तरह से 85 प्रतिशत बसाहटों में बारह मासी सड़कें बनाई गई हैं।

मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 50 मार्गों पर 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र के 425 गांवों में पहली बार बस सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। बैठक में नियद नेल्लानार योजना 2.0 के संबंधी कार्ययोजना के बारे में अधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भीम सिंह, आयुक्त मनरेगा तारण प्रकाश सिन्हा सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस और समयबद्धता के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को किया सम्मानित

मुख्य सचिव विकासशील ने गुरुवार को मंत्रालय में एक कार्यक्रम में मंत्रालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए। यह सम्मान ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों (नस्तियों) के त्वरित निराकरण और कार्यालयीन समय की प्रतिबद्धता (उपस्थिति) में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा, ई-ऑफिस न केवल कार्य में पारदर्शिता लाता है, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी गति देता है।

मंत्रालय के तीन विभागों ने मारी बाजी

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभाग ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग में मंत्रालय के तीन विभागों ने बाजी मारी। प्रथम स्थान पर समाज कल्याण विभाग, द्वितीय स्थान पर गृह विभाग, तृतीय स्थान पर परिवहन विभाग रहा। ई-ऑफिस श्रेणी में व्यक्तिगत सम्मान में विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।