1600 CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय चोर गिरोह, 6 वारदातों का खुलासा

सूने मकानों को बनाते थे निशाना, दो महिलाओं समेत चार आरोपी गिरफ्तार; 13 लाख से अधिक के जेवर, नगदी और वाहन बरामद

दुर्ग।दुर्ग और बालोद जिले में सूने मकानों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। तकनीकी जांच और 1600 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, नगदी, घरेलू सामान और चोरी में प्रयुक्त वाहन समेत करीब 13 लाख 12 हजार 800 रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए गश्त और संदिग्धों की निगरानी बढ़ाई गई थी। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में आरोपी नौशाद की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। एसीसीयू और वैशाली नगर थाना पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले का रहने वाला है और भिलाई के खुर्सीपार स्थित गौतम नगर में ससुराल में रहकर मालवाहक वाहन चलाने का काम करता था। आरोपी दिन में सूने मकानों की रेकी करता और रात में गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। चोरी से मिले पैसों से उसने हीरो डेस्टिनी वाहन भी खरीदा था।

जांच में सामने आया कि गिरोह ने गुरूनानक नगर, वैशाली नगर, हाउसिंग बोर्ड जामुल, चरोदा, राधिका नगर, पुदमनगर समेत बालोद जिले के करहीभदर क्षेत्र में चोरी की कई वारदातों को अंजाम दिया। चोरी के जेवर महिलाओं के माध्यम से पावर हाउस स्थित एक ज्वेलरी दुकान में गिरवी रखे जाते थे। पुलिस ने मामले में ज्वेलरी दुकान संचालक को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और ज्वेलरी दुकान से करीब 60 ग्राम सोना, 8.50 ग्राम चांदी, कैमरा, इंडक्शन चूल्हा, 7,800 रुपये नगद और चोरी में प्रयुक्त वाहन जब्त किया है। मामले में अब तक कुल छह चोरी प्रकरणों का खुलासा हो चुका है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह आर्थिक लाभ के लिए योजनाबद्ध तरीके से सूने मकानों को निशाना बनाता था। एसीसीयू और वैशाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई के जरिए इस गिरोह का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई।

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर खाली छोड़ने की स्थिति में पड़ोसियों या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।