रेलवे नौकरी का झांसा देकर 7 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

खुद को रेलवे कर्मचारी बताकर रचा विश्वास का जाल, रकम ऐंठने के बाद करता रहा टालमटोल; कोर्ट ने भेजा जेल

रेलवे नौकरी का झांसा देकर 7 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग-भिलाई। नेवई थाना क्षेत्र में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला उजागर हुआ है। आरोपी ने खुद को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कार्यरत बताकर पीड़ित को भरोसे में लिया और 7 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खोरपा पाटन निवासी सतीश कुमार मरकाम ने मरोदा स्थित बीआरपी कॉलोनी निवासी खिलेश्वर साहू को अपने झांसे में लिया। आरोपी ने दावा किया कि वह रेलवे में वेल्डर ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत है और उसके उच्च अधिकारियों से अच्छे संबंध हैं, जिसके जरिए वह नौकरी दिलवा सकता है।

बताया गया कि 10 फरवरी 2022 को आरोपी पीड़ित के घर पहुंचा और उसकी पत्नी की मौजूदगी में 7 लाख रुपये नकद ले लिए। आरोपी ने सात महीने के भीतर नौकरी दिलाने या रकम लौटाने का आश्वासन दिया था। भरोसा दिलाने के लिए उसने यूनियन बैंक, पाटन शाखा के तीन कोरे चेक भी दिए।

समय सीमा बीतने के बाद जब नौकरी नहीं लगी, तो पीड़ित ने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपी लगातार बहाने बनाकर टालता रहा। बाद में 28 जुलाई 2023 को उसने एक लिखित इकरारनामा देकर पैसे लेने की बात स्वीकार की, लेकिन इसके बावजूद राशि वापस नहीं की।

आखिरकार पीड़ित ने नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति पर बिना जांच-परख के भरोसा न करें और इस तरह के मामलों में सतर्कता बरतें।