12 साल की सपना ने जीता सबका दिल: सीमित संसाधनों के बीच नेशनल में दिखाई हिम्मत

25 मीटर के पूल में अभ्यास, 50 मीटर के मुकाबले में चुनौती

12 साल की सपना ने जीता सबका दिल: सीमित संसाधनों के बीच नेशनल में दिखाई हिम्मत

*रायपुर।* राजधानी रायपुर में आयोजित Khelo India Tribal Games के पहले दिन छत्तीसगढ़ ने शानदार शुरुआत करते हुए दो पदक अपने नाम किए। 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में अनुष्का भगत ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि पुरुष वर्ग में निखिल ने इसी इवेंट में ब्रॉन्ज हासिल किया।

इन उपलब्धियों के बीच एक और नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा—बीजापुर की 12 वर्षीय तैराक सपना कोर्सा। उन्होंने 200 मीटर फ्री-स्टाइल इवेंट में हिस्सा लिया। हालांकि वह पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन उनके प्रदर्शन और हौसले ने दर्शकों का दिल जीत लिया। जैसे ही सपना ने अपनी रेस पूरी की, दर्शक दीर्घा में मौजूद लोगों ने खड़े होकर तालियों से उनका स्वागत किया। सपना इस प्रतियोगिता की सबसे कम उम्र की प्रतिभागी रहीं और उन्होंने अपने से 2 से 10 साल बड़े एथलीट्स के साथ मुकाबला किया।

सपना बीजापुर जिले के एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता खेती करते हैं और संसाधनों की कमी के कारण उन्हें शहर जैसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। जिस पूल में वह अभ्यास करती हैं, वह केवल 25 मीटर का है, जबकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं 50 मीटर के पूल में होती हैं।

सिर्फ एक साल पहले स्विमिंग शुरू करने वाली सपना ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद नेशनल स्तर तक का सफर तय किया। डाइट, ट्रेनिंग और सुविधाओं की कमी के बावजूद उनका यह मुकाम हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

सपना की यह कहानी बताती है कि अगर हौसले मजबूत हों, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते।