7 बोरियों में छिपा था 112 किलो गांजा, 108 पैकेट में मिली बड़ी खेप, 2 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

7 बोरियों में छिपा था 112 किलो गांजा, 108 पैकेट में मिली बड़ी खेप, 2 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

जशपुर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 112 किलो से अधिक गांजा जब्त कर दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही इस खेप की कीमत करीब 56 लाख रुपये आंकी

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 112 किलो से अधिक अवैध गांजा जब्त किया है। इस ऑपरेशन में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो ओडिशा से गांजा लेकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे। जब्त गांजे की कीमत करीब 54 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि वाहन सहित कुल जब्ती लगभग 56 लाख रुपये की बताई जा रही है।

मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई, नाकाबंदी कर पकड़ा वाहन

पुलिस को रायगढ़ जिले की लैलूंगा पुलिस के माध्यम से मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार में भारी मात्रा में गांजा तस्करी कर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पत्थलगांव थाना क्षेत्र में पुलिस टीम ने मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू की।

पुलिस को देखकर भागे आरोपी, पीछा कर पकड़ा

दोपहर करीब 2 बजे संदिग्ध टोयोटा इलियट कार (DL-3CB-5298) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन तेज गति से भगाने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा किया। कुछ दूरी पर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में फंस गया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

कार में छिपाकर रखा गया था गांजा

वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। गांजे को कार की पिछली सीट के नीचे और अन्य हिस्सों में छिपाकर रखा गया था। कुल 7 प्लास्टिक बोरियों में 108 पैकेट गांजा मिला, जिसका वजन 112 किलो 770 ग्राम पाया गया। आरोपियों के पास किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज नहीं मिले।

56 लाख की जब्ती, एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज

पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(2)(C) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

आरोपियों की पहचान और तस्करी का खुलासा

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजीव कुमार नट (30), निवासी इटावा (उत्तर प्रदेश) और विजय पंडित (28), मूल निवासी वैशाली (बिहार) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में लोनावाला (महाराष्ट्र) में रह रहा था। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि गांजा ओडिशा के संबलपुर से खरीदा गया था और उसे उत्तर प्रदेश तक पहुंचाना था।

तस्करी नेटवर्क की जांच तेज, और गिरफ्तारियां संभव

पुलिस अब इस पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

नशे के खिलाफ अभियान जारी: एसएसपी

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। अंतरराज्यीय तस्करों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। वहीं, पुलिस की तत्परता और सख्ती की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।