E20 को लेकर सियासी घमासान तेज; राहुल गांधी ने कार की टंकी खोलकर उठाए सवाल, सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडिंग को बताया सफल, AAP देशभर में करेगी टाउन हॉल
नई दिल्ली (ए)। पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने वाले E20 ईंधन को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने E20 को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे वाहनों के लिए नुकसानदायक बताया और कहा कि इससे कार और स्कूटर खराब हो रहे हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 को लेकर उठाए जा रहे सवालों को बेवजह का विवाद बताते हुए भारत के बायोफ्यूल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को सफल करार दिया है।
E20 पर आमने-सामने सरकार और विपक्ष
राहुल गांधी ने E20 ईंधन को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार के कई मामले हैं और E20 भी उनमें से एक है। राहुल के मुताबिक, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से लोगों की गाड़ियों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे भी प्रमुखता से उठाएगी।
राहुल ने E20 को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ किसी एक हिस्से में गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सरकार बोली- E20 कार्यक्रम के नतीजे बेहतर
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने E20 को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। शुक्रवार को दिल्ली में उन्होंने कहा कि भारत का बायोफ्यूल ब्लेंडिंग कार्यक्रम बेहतर तरीके से काम कर रहा है और इसके परिणाम भी अच्छे रहे हैं।
पुरी ने कहा कि कुछ लोग E20 को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार का दावा है कि एथेनॉल मिश्रण से देश की ऊर्जा जरूरतों में घरेलू संसाधनों की हिस्सेदारी बढ़ी है और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
अमेरिकी एथेनॉल खरीदने की खबरों को सरकार ने नकारा
भारत सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले एथेनॉल की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 6 अगस्त को जारी प्रेस नोट में उन खबरों को खारिज किया, जिनमें भारत द्वारा ईंधन मिश्रण कार्यक्रम के लिए अमेरिका से बड़े पैमाने पर एथेनॉल खरीदने की बात कही गई थी।
सरकार के अनुसार, पेट्रोल में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल घरेलू स्रोतों से ही प्राप्त किया जा रहा है। हाल में सामने आई कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि भारत E20 कार्यक्रम के लिए अमेरिकी एथेनॉल खरीदने पर विचार कर रहा है।
E20 को लेकर वाहन मालिकों की क्या शिकायतें हैं?
E20 पेट्रोल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है। देश में इसका विरोध खासतौर पर उन वाहन मालिकों की ओर से किया जा रहा है, जिनके पेट्रोल वाहन 2023 से पहले निर्मित हुए हैं।
वाहन मालिकों की शिकायत है कि E20 के इस्तेमाल से कुछ वाहनों में माइलेज कम हो रहा है और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि लंबे समय तक इसके इस्तेमाल से इंजन और अन्य पार्ट्स पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, इन दावों को लेकर वाहन के मॉडल, निर्माण वर्ष और निर्माता की अनुशंसाओं के आधार पर प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।
AAP भी E20 के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाएगी
E20 को लेकर आम आदमी पार्टी ने भी सरकार के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी 8 अगस्त से विभिन्न राज्यों में टाउन हॉल कार्यक्रम आयोजित करेगी।
AAP के मुताबिक, इन कार्यक्रमों के जरिए वाहन मालिकों से सीधे बातचीत की जाएगी और एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से जुड़ी उनकी शिकायतें और अनुभव दर्ज किए जाएंगे।
पार्टी का पहला कार्यक्रम 8 अगस्त को पश्चिम बंगाल में होगा। इसके बाद 9 अगस्त को गुजरात और हरियाणा, 11 अगस्त को तेलंगाना और 17 अगस्त को छत्तीसगढ़ में टाउन हॉल आयोजित किए जाने हैं।
E20 पर बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
E20 ईंधन को लेकर सरकार जहां इसे ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने वाली नीति बता रही है, वहीं विपक्ष वाहन मालिकों की कथित परेशानियों को मुद्दा बना रहा है। आने वाले दिनों में देशभर में होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ यह विवाद और तेज होने की संभावना है।
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