NEET विवाद में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छोड़ा पद, परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी
36 दिन से जारी आंदोलन के बीच इस्तीफे की घोषणा, NTA के 47 अधिकारियों पर गिरी गाज; CBI की जांच तेज
नई दिल्ली (ए)।NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में लगातार बढ़ते विवाद और राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा पत्र साझा कर इसकी जानकारी दी। उनके इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रही थी। संगठन ने इस्तीफे के बाद इसे अपने आंदोलन की सफलता बताया। आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी भूख हड़ताल कर सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाया था।
इधर, केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में जवाबदेही तय करते हुए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। शुक्रवार देर रात एजेंसी के 47 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक सुधार लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समीक्षा, डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और नई तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही NTA में चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति भी की जाएगी।
3 मई को हुआ था पेपर लीक
3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। सरकार ने परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित कराई। इस दौरान कई राज्यों में छात्रों और अभिभावकों ने आंदोलन किया। पूरे मामले की जांच CBI कर रही है। महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में छापेमारी और जांच के बाद अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
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