RTE प्रवेश का अंतिम अवसर: 22 जुलाई से तीसरा चरण शुरू, 10 अगस्त को होगी ऑनलाइन लॉटरी

17 से 21 जुलाई के बीच जारी होगी स्कूलवार और जिला-वार रिक्त सीटों की सूची, पहले दो चरणों में प्रवेश से वंचित बच्चों को ही मिलेगा आवेदन का मौका

RTE प्रवेश का अंतिम अवसर: 22 जुलाई से तीसरा चरण शुरू, 10 अगस्त को होगी ऑनलाइन लॉटरी

रायपुर। शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में कक्षा पहली में प्रवेश के लिए राज्य सरकार ने तीसरे और अंतिम चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस चरण की शुरुआत 22 जुलाई से होगी। इससे पहले 17 से 21 जुलाई के बीच सभी जिलों में स्कूलवार रिक्त सीटों की सूची पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अभिभावकों को यह जानकारी मिल सकेगी कि किस स्कूल में कितनी सीटें अब भी खाली हैं।

इस बार आवेदन का अवसर केवल उन बच्चों को मिलेगा, जिन्हें पहले और दूसरे चरण में किसी भी निजी स्कूल में प्रवेश नहीं मिल सका है। जिन बच्चों का पहले ही चयन हो चुका है, वे तीसरे चरण में आवेदन के पात्र नहीं होंगे। प्रवेश के लिए पूर्व में निर्धारित पात्रता, आयु सीमा और अन्य नियम यथावत लागू रहेंगे।

5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन

अभिभावक 22 जुलाई से 5 अगस्त तक RTE पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसी अवधि में आवेदन में आवश्यक संशोधन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 25 जुलाई से 7 अगस्त तक नोडल प्राचार्य दस्तावेजों और आवेदनों का सत्यापन करेंगे।

10 अगस्त से निकलेगी चयन सूची

सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 से 14 अगस्त के बीच ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से पात्र विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित बच्चों को 17 से 25 अगस्त के बीच संबंधित निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, 20 से 27 अगस्त तक नोडल प्राचार्य पोर्टल पर प्रवेश की अंतिम प्रविष्टियां दर्ज करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरी प्रक्रिया 27 अगस्त तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है।

रिक्त सीटों की तस्वीर होगी साफ

तीसरे चरण से पहले जारी होने वाली रिक्त सीटों की सूची इस बार विशेष महत्व रखती है। इससे यह स्पष्ट होगा कि पहले दो चरणों के बाद प्रदेश में कितनी RTE सीटें खाली रह गई हैं और किन जिलों या निजी स्कूलों में प्रवेश की गति अपेक्षाकृत धीमी रही।

तीसरे चरण की जरूरत क्यों पड़ी

लगातार तीसरे चरण का आयोजन इस बात का संकेत है कि पहले दो चरणों में सभी आरटीई सीटों पर प्रवेश नहीं हो सका। इसके पीछे कम आवेदन, दस्तावेजों में त्रुटियां, सत्यापन के दौरान अपात्र घोषित होना अथवा अन्य प्रशासनिक कारण प्रमुख माने जा रहे हैं। रिक्त सीटों का जिला और स्कूलवार आंकड़ा सामने आने के बाद इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अंतिम चरण की जानकारी अधिक से अधिक पात्र अभिभावकों तक पहुंचे। इसके लिए मुनादी, समाचार पत्रों, स्थानीय प्रचार माध्यमों और जनसंपर्क के अन्य साधनों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र बच्चा आवेदन से वंचित न रहे।