रजिस्ट्री सस्ती, टोल दरें बढ़ीं; राशन, आबकारी और टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव लागू

रजिस्ट्री सस्ती, टोल दरें बढ़ीं; राशन, आबकारी और टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव लागू

रायपुर। 1 अप्रैल से लागू हुए नए वित्त वर्ष के साथ छत्तीसगढ़ में जनजीवन से जुड़े कई अहम बदलाव प्रभावी हो गए हैं। राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री सस्ती कर दी गई है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर टोल दरों में वृद्धि के कारण हाईवे पर सफर महंगा हो गया है।

राशन वितरण व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब हितग्राहियों को एक साथ तीन महीने का चावल दिया जाएगा, जिससे लोगों को बार-बार राशन दुकानों पर नहीं जाना पड़ेगा। यह निर्णय विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सुविधाजनक माना जा रहा है।

नई आबकारी नीति के तहत शराब बिक्री के स्वरूप में भी बदलाव किया गया है। अब राज्य में शराब प्लास्टिक बोतलों में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वितरण प्रणाली को अधिक सरल और सुगम बनाने की कोशिश की गई है।

इसी के साथ टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन को समाप्त कर डिजिटल भुगतान को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे फास्टैग प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू होने की उम्मीद है।

देश स्तर पर कर व्यवस्था में भी बड़ा परिवर्तन लागू हुआ है। नया आयकर अधिनियम 2025 प्रभाव में आ गया है, जिससे टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है। अब ‘टैक्स वर्ष’ की अवधारणा लागू की गई है, जिससे वित्तीय और आकलन वर्ष के बीच का अंतर समाप्त हो जाएगा।

इसके अलावा गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है, जिससे उन्हें अतिरिक्त समय मिलेगा।

कुल मिलाकर, नए वित्त वर्ष के साथ लागू हुए ये बदलाव आमजन के लिए राहत और खर्च—दोनों का मिश्रित असर लेकर आए हैं।