महासमुंद में अतिथि शिक्षकों की भर्ती, 35 हजार तक मिलेगी सैलरी, 20 जुलाई से पहले करें आवेदन

अतिथि शिक्षकों की भर्ती निकली है। पात्र अभ्यर्थी 20 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। चयन वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से होगा, मानदेय 35 हजार रुपये तक मिलेगा।

महासमुंद में अतिथि शिक्षकों की भर्ती, 35 हजार तक मिलेगी सैलरी, 20 जुलाई से पहले करें आवेदन

महासमुंद जिला अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोरिंग में शिक्षण सत्र 2026-27 के लिए शासन द्वारा निर्धारित मानदेय पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्थायी रूप से अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके लिए पात्र अभ्यर्थियों से वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

20 जुलाई को इंटरव्यू

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोरिंग के प्राचार्य ने बताया कि भर्ती के अंतर्गत पीजीटी इतिहास तथा भूगोल के 1-1 पद कुल 2 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक एवं निर्धारित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी 20 जुलाई 2026 को प्रात: 10 से सायं 4 बजे तक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भोरिंग में आयोजित वॉक-इन-इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं।

35,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय

चयनित अभ्यर्थियों को एनईएसटीएस द्वारा निर्धारित पूर्ण योग्यता होने पर 35,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय प्रदान किया जाएगा। इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, नियम एवं शर्तें, आवेदन का प्रारूप तथा जानकारी सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग महासमुंद के सूचना पटल एवं जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर है। पात्र अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक मूल दस्तावेजों एवं उनकी स्वप्रमाणित प्रतियों के साथ उपस्थित होने कहा गया है।

आवश्यक दस्तावेज साथ लाना होगा

इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, अनुभव प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो), पहचान पत्र तथा दस्तावेजों की स्वप्रमाणित (Self-attested) प्रतियां साथ लानी होंगी। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए अभिभावकों की भूमिका अहम

पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला, बृजराज में शुक्रवार को पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। प्रधान पाठक गोमती साहू ने पालकों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों का नियमित रूप से विद्यालय आना उनके सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को प्रतिदिन समय पर और स्वच्छ गणवेश में विद्यालय भेजने की अपील की।

विभिन्न सुविधाओं की जानकारी

संकुल समन्वयक सुरेंद्र चंद्राकर ने शासन की ओर से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों तथा पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति योजना के बारे में बताया। साथ ही अभिभावकों से बच्चों के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

शिक्षकों ने कहा

बैठक में शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय के साथ-साथ घर का शैक्षणिक माहौल भी बच्चों के सीखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पालकों से प्रतिदिन कम से कम एक घंटे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने, गृहकार्य की नियमित समीक्षा करने तथा विद्यालय में पढ़ाए गए विषयों पर उनसे चर्चा करने की अपील की। बैठक में विद्यालय के शिक्षक उपस्थित थे।