आठ साल पुराने मानहानि केस में राहुल गांधी बरी
अमित शाह पर कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा नेता ने दर्ज कराया था मुकदमा, फैसले के बाद कांग्रेस समर्थकों ने मनाया जश्न
सुल्तानपुर (ए)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अमित शाह से संबंधित कथित मानहानिकारक बयान के मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने सोमवार को उन्हें बरी कर दिया। यह मामला वर्ष 2018 में दर्ज कराया गया था। अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिसर के बाहर खुशी जाहिर की और नारेबाजी की।
मामले की शुरुआत 8 मई 2018 को बेंगलुरु में राहुल गांधी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान से हुई थी। आरोप के मुताबिक, उन्होंने भाजपा की ईमानदारी संबंधी दलीलों पर सवाल उठाते हुए पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष पर हत्या का आरोप होने की बात कही थी। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने इसी टिप्पणी को आधार बनाकर अगस्त 2018 में उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
सोमवार को राहुल गांधी सुल्तानपुर स्थित विशेष अदालत में पेश हुए। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया। उनके वकील काशी शुक्ला ने बताया कि मामले में आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसी वजह से अदालत ने राहुल गांधी को बरी करने का फैसला सुनाया।
अदालत के निर्णय के बाद कांग्रेस समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और आतिशबाजी की। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे मुकदमों से घबराने वाले नहीं हैं। उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को लंबे समय से इस मामले में परेशान किया जा रहा था और अब उन्हें न्याय मिला है।
इधर, सोमवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल गांधी के काफिले की पांच गाड़ियां आपस में भिड़ गईं। टकराने वाले वाहनों में एक एंबुलेंस भी थी। घटना के बावजूद राहुल गांधी सुरक्षित रहे।
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