ई-चालान और बढ़े परिवहन शुल्क के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, आरटीओ कार्यालय पहुंचकर उठाई आमजन की
एक ही वाहन पर बार-बार चालान काटने का आरोप; शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग, आरटीओ ने हेल्पडेस्क शुरू करने का दिया आश्वासन
दुर्ग-भिलाई। ई-चालान प्रणाली में सामने आ रही शिकायतों और परिवहन सेवाओं के बढ़ते शुल्क के विरोध में गुरुवार को दुर्ग शहर कांग्रेस ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का घेराव कर अपनी नाराजगी जाहिर की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरटीओ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए आम नागरिकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ई-चालान व्यवस्था में तकनीकी खामियों के कारण कई वाहन मालिकों के एक ही स्थान पर बार-बार चालान जारी हो रहे हैं। इससे लोगों को अनावश्यक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता आरटीओ कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध जताते नजर आए।
धीरज बाकलीवाल ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी विभाग को ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय अधिकारियों ने हेल्पडेस्क स्थापित कर शिकायतों का निराकरण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि पुलगांव क्षेत्र सहित कई इलाकों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एक ही वाहन का एक दिन में दो से तीन बार तक चालान काटा गया।
कांग्रेस ने परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न सेवाओं के शुल्क में की गई वृद्धि को भी जनविरोधी बताते हुए सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि वाहन पंजीयन, ट्रांसफर, सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं की फीस में भारी बढ़ोतरी कर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। ज्ञापन में मांग की गई कि शुल्क वृद्धि की समीक्षा कर राहत प्रदान की जाए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मोटरसाइकिल और कारों के नए पंजीयन, वाहन ट्रांसफर, वेरिफिकेशन तथा मार्किंग शुल्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कई मामलों में शुल्क पहले की तुलना में डेढ़ से दोगुना तक बढ़ा दिया गया है, जिससे मध्यमवर्गीय और आम परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
इस संबंध में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मृत्युंजय पटेल ने कहा कि बार-बार चालान जारी होने की शिकायतों की जानकारी मुख्यालय को भेज दी गई है और तकनीकी सुधार की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही कार्यालय में हेल्पडेस्क शुरू की जाएगी, जहां लोग अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और उनका निराकरण किया जाएगा।
आरटीओ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी वाहन के आवश्यक दस्तावेज जैसे बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) या फिटनेस प्रमाण पत्र अपडेट नहीं हैं और वह वाहन बार-बार निगरानी कैमरों की जद में आता है, तो सिस्टम स्वतः चालान जारी करता है। उन्होंने वाहन मालिकों से सभी दस्तावेज समय पर अपडेट रखने की अपील की।
आरटीओ प्रशासन ने ज्ञापन में उठाए गए अन्य मुद्दों और कथित अवैध वसूली की शिकायतों की जांच का आश्वासन भी दिया है। वहीं कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनहित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
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