एक सप्ताह में सोने-चांदी की चमक फीकी, सोना करीब 4,800 और चांदी 16,500 रुपए सस्ती
सोने का भाव 1.42 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.94 लाख रुपए किलो पर आया; वैश्विक घटनाक्रम से आगे भी बदल सकते हैं दाम
नई दिल्ली। सोने-चांदी की कीमतों में आई ताजा गिरावट से सराफा बाजार में हलचल है। बीते सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आए हैं। आईबीजेए के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत 17 अक्टूबर के करीब 1.46 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर से घटकर 1.42 लाख रुपए रह गई। वहीं, चांदी 2.11 लाख रुपए प्रति किलो से गिरकर 1.94 लाख रुपए पर आ गई। एक सप्ताह में सोने की कीमत में 4,796 रुपए और चांदी में 16,503 रुपए की कमी दर्ज की गई।
लगातार दूसरे महीने दबाव में कीमतें
कीमती धातुओं के बाजार में कमजोरी का रुख सितंबर में भी बना हुआ था। महीने की शुरुआत से अंत तक सोना करीब 8 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। 31 अगस्त को इसका भाव 1.56 लाख रुपए था, जो 30 सितंबर तक घटकर 1.48 लाख रुपए पर आ गया। चांदी की कीमत भी इसी अवधि में 2.37 लाख रुपए से कम होकर 2.22 लाख रुपए प्रति किलो रह गई थी। ताजा साप्ताहिक गिरावट ने बाजार में नरमी के रुख को फिर चर्चा में ला दिया है।
अंतरराष्ट्रीय घटनाएं तय करेंगी अगली चाल
सोने और चांदी के भाव पर वैश्विक आर्थिक हालात, ब्याज दरों से जुड़ी नीतियां, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव का असर पड़ता है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने की स्थिति में निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ सकती है। इसके विपरीत, बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने पर कीमतें नीचे भी जा सकती हैं।
इसलिए मौजूदा गिरावट को कीमतों में लगातार कमी का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। निवेश करने वालों को अपनी जोखिम क्षमता, निवेश की अवधि और जरूरतों के अनुसार फैसला लेना चाहिए।
आभूषण खरीदने से पहले करें भाव की पड़ताल
ग्राहकों को सोना खरीदते समय हॉलमार्क और एचयूआईडी कोड की जांच करनी चाहिए। साथ ही, 24, 22 और 18 कैरेट सोने के भाव में अंतर समझना जरूरी है। अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज में भी अंतर हो सकता है, इसलिए केवल सोने के मूल भाव के आधार पर तुलना नहीं करनी चाहिए। वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और कर सहित अंतिम बिल की जानकारी लेना फायदेमंद रहेगा।
चांदी खरीदने वालों को भी शुद्धता और वजन की पुष्टि करनी चाहिए। केवल चुंबक, बर्फ या कपड़े से रगड़कर किए जाने वाले घरेलू परीक्षणों से चांदी की असलियत तय नहीं होती। प्रमाणित हॉलमार्क, विश्वसनीय विक्रेता और खरीदारी का पक्का बिल उपभोक्ता को धोखाधड़ी से बचाने में मदद कर सकते हैं।
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