कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालु, लौटे तो वाहन गायब: जयंती स्टेडियम से 7 दोपहिया चोरी, CCTV में चोरों की तलाश

पं. प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के सात दिनों में पांच बाइक और दो स्कूटी हुईं चोरी; करीब ₹1.38 लाख का नुकसान

कथा सुनने पहुंचे श्रद्धालु, लौटे तो वाहन गायब: जयंती स्टेडियम से 7 दोपहिया चोरी, CCTV में चोरों की तलाश

दुर्ग-भिलाई। भिलाई के जयंती स्टेडियम में पं. प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच वाहन चोरों ने जमकर हाथ साफ किया। 17 से 23 अगस्त के बीच सात दोपहिया वाहनों के चोरी होने की शिकायत सामने आई है। वाहन मालिकों ने पुलिस को बताया कि वे बाइक या स्कूटी खड़ी कर कथा सुनने गए थे और लौटे तो वाहन अपनी जगह पर नहीं मिले। पुलिस ने मामले दर्ज कर घटनास्थल और आसपास के CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है।

पार्किंग से लेकर हैलीपैड तक निशाना

चोरों ने वाहन चोरी के लिए कथा स्थल के आसपास अलग-अलग जगहों को निशाना बनाया। किसी की बाइक पार्किंग से गायब हुई तो किसी का वाहन सड़क किनारे और हैलीपैड के पास से चोरी हुआ। सात मामलों में कुल पांच बाइक और दो स्कूटी चोरी हुई हैं।

चार घंटे बाद लौटे तो बाइक नहीं थी

टी. चंदु राव 20 अगस्त को पत्नी के साथ कथा सुनने पहुंचे थे। सुबह 11 बजे होंडा बाइक खड़ी कर पंडाल में चले गए। दोपहर करीब 3 बजे वापस आए तो बाइक गायब थी। पुलिस के अनुसार वाहन की कीमत करीब 30 हजार रुपए है।

एक दिन में दो बाइक चोरी

22 अगस्त को शंकर लाल साहू और दर्शन लाल फुल्लारे की बाइक चोरी हुई। दोनों अपनी हीरो पैशन प्रो खड़ी कर कथा में गए थे। शाम को लौटने पर दोनों को वाहन नहीं मिले। इनकी कीमत क्रमश: करीब 10 हजार और 20 हजार रुपए बताई गई है।

कथा शुरू होने के कुछ देर बाद स्कूटी पार

देव कुमार साहू के मामले में चोरों ने बेहद कम समय में वारदात की। रात करीब 9 बजे उन्होंने होंडा डियो खड़ी की और पंडाल में चले गए। करीब 15 मिनट बाद लौटे तो स्कूटी गायब थी। इसकी कीमत करीब 30 हजार रुपए बताई गई है।

आशीष चंदेल की स्प्लेंडर प्लस भी हैलीपैड के पास से चोरी हुई। वहीं ज्योति साहू की एक्टिवा गणेश द्वार के पास से गायब हुई। स्कूटी की डिक्की में आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस सहित जरूरी दस्तावेज रखे थे।

पुलिस को गिरोह के सक्रिय होने का शक

चुम्मन लाल देवांगन की स्प्लेंडर प्लस भी हैलीपैड से चोरी हुई। लगातार सामने आए मामलों के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वारदातों के पीछे कोई संगठित वाहन चोर गिरोह है या अलग-अलग आरोपी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही

पुलिस ने सभी शिकायतों पर अपराध दर्ज कर लिया है। कथा स्थल, पार्किंग और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि रिकॉर्डिंग से संदिग्धों की पहचान और चोरी किए गए वाहनों का सुराग मिल सकता है।