कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक की खबर पर अरुण वोरा ने उठाए सवाल

B.Sc. द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले बाहर आने की सूचना पर जताई चिंता; निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

कृषि विश्वविद्यालय में पेपर लीक की खबर पर अरुण वोरा ने उठाए सवाल

दुर्ग । रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में B.Sc. द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले लीक होने की सामने आई खबर को लेकर पूर्व विधायक अरुण वोरा ने चिंता जताई है। उन्होंने इसे परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

अरुण वोरा ने कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर पहुंचना केवल व्यवस्था में चूक का मामला नहीं है, बल्कि इससे उन विद्यार्थियों के साथ अन्याय होता है, जिन्होंने पूरे वर्ष मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।

पता लगाया जाए पेपर बाहर कैसे पहुंचा

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस तरह बाहर पहुंचा। जांच में विश्वविद्यालय से जुड़े किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

छात्रों के हित में लिया जाए फैसला

वोरा ने कहा कि विद्यार्थियों ने मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी की है। यदि प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि होती है तो परीक्षा को लेकर ऐसा निर्णय लिया जाना चाहिए, जिससे किसी भी छात्र के भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े। उन्होंने कहा कि जांच के साथ छात्रों के हितों की सुरक्षा भी प्राथमिकता होनी चाहिए।

दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई

पूर्व विधायक ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल मामले का संज्ञान लेकर तथ्यों को सामने लाना चाहिए और दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।