खास समाचार : पूजा कर विधानसभा पहुंचे ओपी चौधरी, आज पेश होगा विकास का खाका
जल बोर्ड, ग्रामीण विकास मिशन, स्टार्टअप और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रह सकती है सरकार की नजर
रायपुर। प्रदेश की विकास दिशा तय करने वाला बजट आज विधानसभा में पेश किया जाएगा। बजट दस्तावेज सदन में रखने से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी आध्यात्मिक वातावरण में नजर आए। वे अपने सरकारी निवास के मंदिर में ब्रीफकेस के साथ पूजा करते दिखे। इस दौरान उनकी पत्नी अदिति चौधरी भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि इस बार का बजट महिलाओं के लिए खास रहेगा।
पूजा के बाद वित्त मंत्री राम मंदिर दर्शन के लिए रवाना हुए। वहां पूजा-अर्चना के पश्चात वे सीधे विधानसभा पहुंचेंगे, जहां दोपहर 12.30 बजे बजट पेश किया जाएगा। यह साय सरकार का तीसरा बजट होगा, जिसे सरकार अपने विकास विजन के अहम दस्तावेज के रूप में देख रही है।
सदन की कार्यवाही शुरू
विधानसभा के दूसरे दिन की कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है। शुरुआत में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य दीनदयाल सिंह पोर्ते के निधन का उल्लेख किया गया। इसके बाद प्रश्नोत्तर काल में सूचीबद्ध प्रश्नों पर चर्चा होगी। इसके पश्चात वित्त मंत्री बजट प्रस्तुत करेंगे।
किन क्षेत्रों पर रह सकता है फोकस
सूत्रों के अनुसार इस बार बजट में जल बोर्ड गठन, ‘जी राम जी’ (ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन) के तहत ग्राम पंचायतों के विकास, स्टार्टअप और एमएसएमई को प्रोत्साहन तथा राजधानी को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने जैसी घोषणाएं शामिल हो सकती हैं।
सरकार प्रशासनिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रावधान कर सकती है। योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और सेवा विस्तार पर विशेष जोर संभावित है।
युवाओं, किसानों और महिलाओं से जुड़ी उम्मीदें
युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्टार्टअप नीति को मजबूती देने के संकेत हैं। जिला स्तर पर उद्योग और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज संभव है। किसानों के लिए सिंचाई, कृषि अधोसंरचना और समर्थन मूल्य से जुड़े प्रावधानों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं में अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। अदिति चौधरी के बयान के बाद महिलाओं से जुड़े विशेष ऐलानों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
ग्रामीण और शहरी विकास
राजधानी को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में नई योजनाएं सामने आ सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, नालियों, सामुदायिक भवनों और आधारभूत संरचना के लिए बजट बढ़ाए जाने की संभावना है। जल एवं ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की दिशा में भी सरकार कदम बढ़ा सकती है।
खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
खेल अधोसंरचना के विस्तार, छोटे शहरों में मैदानों के विकास और यातायात व्यवस्था सुधार के लिए रिंग रोड परियोजनाओं पर प्रावधान संभव है। शिक्षा के क्षेत्र में नालंदा लाइब्रेरी जैसी योजनाओं को गति मिल सकती है। स्वास्थ्य सुरक्षा और सौर ऊर्जा विस्तार के लिए भी बजटीय प्रावधान बढ़ने की उम्मीद है।
प्रदेश के विभिन्न वर्गों की नजर अब सदन में पेश होने वाले बजट पर टिकी है, जो आने वाले वर्ष में विकास की दिशा और गति तय करेगा।
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