खुद के अपहरण की झूठी कहानी से खुला म्यूल खाता गिरोह का राज
नाबालिग ने दोस्तों के साथ मिलकर रची साजिश, परिजनों से फिरौती मांगने का किया प्रयास; पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
दुर्ग जिले में एक नाबालिग द्वारा अपने ही अपहरण की झूठी कहानी गढ़ने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों की खरीद-फरोख्त के दबाव से बचने के लिए नाबालिग ने दोस्तों के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।
दुर्ग-भिलाई। जिले में एक नाबालिग द्वारा अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रचने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने म्यूल खाते के अवैध कारोबार से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार नाबालिग ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और परिजनों से फिरौती की मांग कर दी। उसने फोन पर बताया कि अपहरणकर्ताओं ने उसे बंधक बना लिया है और तीन लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। बाद में यह रकम घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई।
नाबालिग के बड़े भाई ने इस कॉल के बाद भिलाई के थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच नाबालिग ने दोबारा संपर्क कर कहा कि उसे छोड़ दिया गया है और वह घर लौट रहा है।
जांच में सामने आई साजिश
पुलिस को घटना की कहानी पर संदेह हुआ, जिसके बाद नाबालिग से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने दोस्तों के साथ मिलकर यह पूरा नाटक रचा था। जांच में यह भी सामने आया कि वह म्यूल खातों की खरीद-फरोख्त के काम से जुड़ा हुआ था।
पुलिस के अनुसार म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में किया जाता है। नाबालिग इन खातों को खरीदकर आगे बेचने का काम करता था।
खाते नहीं बिके तो बनाई अपहरण की कहानी
इस बार नाबालिग खाते बेचने के लिए धनबाद गया था, लेकिन जिन लोगों से उसकी बातचीत हुई थी उन्होंने खाते लेने से मना कर दिया। इसके साथ ही पहले दिए गए एडवांस की राशि वापस मांगने लगे।
पैसे लौटाने के दबाव के कारण घबराए नाबालिग ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद के अपहरण की कहानी बनाने की योजना तैयार की, ताकि परिजनों से पैसे लेकर मामला सुलझाया जा सके।
लोकेशन के आधार पर जांच आगे बढ़ी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने नाबालिग की लोकेशन ट्रैक कर टीम को धनबाद के लिए रवाना किया। इसी दौरान नाबालिग ने फोन कर बताया कि उसे छोड़ दिया गया है। पुलिस ने रास्ते में ही उसे रोककर पूछताछ शुरू की, जिसमें सच्चाई सामने आ गई।
इसके बाद पुलिस नाबालिग को लेकर धनबाद पहुंची और पूरे मामले की जांच की। कार्रवाई के दौरान धनबाद और झारसुगुड़ा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और म्यूल खाता नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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