धान खरीदी से पहले किसानों की मुश्किलें बढ़ीं: दुर्ग जिले के 65% किसानों का पंजीयन अधूरा, पोर्टल की खामियों से फंसे फॉर्म

15 नवंबर से शुरू होगी खरीदी, लेकिन एग्रो पोर्टल ठप; कांग्रेस का प्रदर्शन, बोली—भाजपा सरकार किसानों के साथ कर रही धोखा

धान खरीदी से पहले किसानों की मुश्किलें बढ़ीं: दुर्ग जिले के 65% किसानों का पंजीयन अधूरा, पोर्टल की खामियों से फंसे फॉर्म

धान खरीदी की तारीख तय हो चुकी है, लेकिन पंजीयन की प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था से किसान परेशान हैं। दुर्ग जिले में अब तक केवल 35% किसानों का ही पंजीयन पूरा हो सका है, जबकि बाकी 65% किसान दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। एग्रो स्टेक पोर्टल की तकनीकी खराबी ने किसानों की नींद उड़ा दी है।

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन खरीदी से पहले ही प्रशासनिक लापरवाही किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। दुर्ग जिले के अधिकांश किसानों का नाम अब तक एग्रो स्टेक पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाया है।

इसी मुद्दे को लेकर बुधवार (15 अक्टूबर) को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार पर किसानों से धोखा करने का आरोप लगाया।

“सरकार किसानों के नाम पर राजनीति कर रही है” — राकेश ठाकुर

कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर किसानों को पंजीयन प्रक्रिया में उलझा रही है।
उन्होंने कहा — “पोर्टल की खराबी के कारण 65% किसानों का पंजीयन नहीं हो सका है। सरकार ने 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी का वादा किया था, लेकिन पिछले साल का पूरा भुगतान तक नहीं दिया गया।”

ठाकुर ने अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान रोज़ दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।

पूर्व विधायक अरुण वोरा बोले — सरकार किसान विरोधी

पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को पहले खाद और डीएपी के संकट से जूझाया, अब पंजीयन की परेशानी खड़ी कर दी है।
उन्होंने कहा, “कलेक्टोरेट में आत्मदाह की कोशिश करने वाला किसान इस बात का प्रतीक है कि किसान अब टूटने की कगार पर है। कांग्रेस सरकार के समय 75 हजार करोड़ का कर्ज माफ हुआ था, पर अब किसानों को राहत की जगह उद्योगपतियों को फायदा मिल रहा है।”

किसान कांग्रेस ने दी चेतावनी — पोर्टल नहीं सुधरा तो होगा बड़ा आंदोलन

धरना का नेतृत्व कर रहे किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुकेश चंद्राकर ने कहा कि पोर्टल की खराबी के कारण किसान अपने ही धान को बेचने से वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की —

  • पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए,
  • पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ी तुरंत सुधारी जाए,
  • जरूरत पड़ने पर मैन्युअल पंजीयन की अनुमति दी जाए।

चंद्राकर ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।