नर्सिंग संवर्ग की मांग पर बढ़ा दबाव, ग्रेड-पे लागू नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी
स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन, एसोसिएशन बोला- वर्षों से लंबित है वेतनमान का मामला; सितंबर में हो चुका है सांकेतिक प्रदर्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कर्मचारियों की वेतन संबंधी मांग को लेकर आंदोलन की स्थिति बनती नजर आ रही है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने ग्रेड-पे वेतनमान लागू करने की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की। संगठन ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांग पर यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो नर्सिंग संवर्ग अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपना सकता है।
एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री को सौंपे ज्ञापन में बताया कि ग्रेड-पे और वेतनमान की मांग को लेकर नर्सिंग कर्मचारी लगातार शासन का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। संगठन का दावा है कि यह मांग करीब 14 वर्षों से लंबित है।
आंदोलन के बाद तैयार हुआ था प्रस्ताव
संगठन के अनुसार दिसंबर 2025 में मांगों को लेकर पहले सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। इसके बाद चरणबद्ध आंदोलन हुआ। आंदोलन के दौरान बनी सहमति के बाद 30 जनवरी 2026 को नर्सिंग संवर्ग की मांगों से जुड़ा बजट प्रस्ताव आयुक्त कार्यालय से शासन को भेजा गया था।
एसोसिएशन का कहना है कि बाद में यह प्रस्ताव अभिमत के लिए फिर आयुक्त कार्यालय भेज दिया गया, लेकिन मामले में अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
तीन दिन अस्पताल परिसरों में विरोध
मांग पर कार्रवाई नहीं होने के विरोध में नर्सिंग कर्मचारियों ने 9, 10 और 11 सितंबर को अस्पताल परिसरों में दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया था। इसके बाद संगठन की बैठक में अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी का निर्णय लिया गया।
क्या है नर्सिंग संवर्ग की मांग?
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन का कहना है कि ग्रेड-पे वेतनमान से संबंधित प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति दी जाए और इसे लागू किया जाए। संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में शासन स्तर पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
10 मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में आंदोलन की तैयारी
एसोसिएशन के मुताबिक मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेश के 10 चिकित्सा महाविद्यालयों से जुड़े अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर सकते हैं। संगठन ने कहा है कि हड़ताल होने पर अस्पतालों में मरीजों को होने वाली दिक्कतों की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीना राजपूत की ओर से दिए गए पत्र में नर्सिंग संवर्ग की लंबित मांगों का उल्लेख करते हुए जल्द निर्णय लेने की अपील की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि लंबे समय से चल रही इस मांग का समाधान होने से नर्सिंग कर्मचारियों को वेतनमान संबंधी राहत मिल सकेगी।
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