बिलासपुर में फर्जी CBSE दावे पर सख्ती, ब्रिलियंट स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश

नारायणा ई-टेक्नो को राहत • अभिभावकों के आरोपों के बाद जांच तेज • DEO बोले—अब ली जा चुकी है मान्यता

बिलासपुर में फर्जी CBSE दावे पर सख्ती, ब्रिलियंट स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश

बिलासपुर। शहर में निजी स्कूलों द्वारा CBSE कोर्स के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जांच के बाद शिक्षा विभाग ने मिशन अस्पताल रोड स्थित ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी है।

जानकारी के अनुसार, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल और अमेरी रोड स्थित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल के खिलाफ शिकायत मिलने पर विभागीय जांच कमेटी गठित की गई थी। दोनों स्कूलों पर आरोप था कि उन्होंने 5वीं और 8वीं कक्षाओं के लिए खुद को CBSE से संबद्ध बताया, जबकि बाद में छात्रों को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के तहत परीक्षा देने के लिए बाध्य किया गया।

इस वर्ष राज्य शासन ने 5वीं और 8वीं कक्षाओं में बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया था। स्कूल प्रबंधन द्वारा परीक्षा की सूचना अभिभावकों को मात्र एक दिन पहले दिए जाने से नाराजगी और बढ़ गई। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को बिना पर्याप्त तैयारी के परीक्षा में बैठना पड़ा, जो उनके भविष्य के साथ अन्याय है।

मामले को लेकर आक्रोशित अभिभावकों ने पहले स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा, इसके बाद कलेक्टर और केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू से शिकायत की। हालांकि कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रारंभिक स्तर पर स्कूल को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन बढ़ते दबाव के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कमेटी गठित की।

जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने बताया कि जांच में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके आधार पर उसकी मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की गई है। वहीं, नारायणा ई-टेक्नो स्कूल के मामले में यह तथ्य सामने आया कि वह पिछले दो वर्षों से बिना मान्यता के संचालित हो रहा था, लेकिन हाल ही में उसने CBSE से मान्यता प्राप्त कर ली है, इसलिए उस पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों ने दोषी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ न हो।