भारतमाला परियोजना में करोड़ों का मुआवजा घोटाला — तीन पटवारी गिरफ्तार, हाईकोर्ट से हटने के बाद हुई कार्रवाई
ईओडब्ल्यू की जांच में उजागर हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, सरकारी भूमि को पुनः बेचकर मुआवजा हड़पने का आरोप — अन्य आरोपी अब भी फरार
रायपुर। भारतमाला परियोजना के भूमि अधिग्रहण प्रकरण में करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने तीन लोकसेवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर शासन की भूमि को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से पुनः शासन को ही बेचकर भारी मुआवजा राशि हड़प ली।
भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम प्रस्तावित आर्थिक कॉरिडोर की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाले का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस मामले में तीन लोकसेवकों — दिनेश पटेल (तत्कालीन पटवारी नायकबांधा), लेखराम देवांगन (तत्कालीन पटवारी टोकरो) और बसंती घृतलहरे (तत्कालीन पटवारी भेलवाडीह) — को गिरफ्तार किया है।
ईओडब्ल्यू में दर्ज अपराध क्रमांक 30/2025 में इन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) एवं भादंवि की धारा 409, 467, 468, 471, 420, 120-बी के तहत मामला दर्ज है। आरोपियों पर शासन द्वारा अर्जित भूमि को फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से पुनः शासन को बेचने, बैक डेट में बंटवारा और नामांतरण करने तथा वास्तविक भूमि स्वामियों के नाम पर अन्य व्यक्तियों को मुआवजा दिलाने का गंभीर आरोप है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने निजी भूमि को गलत तरीके से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर उसके टुकड़े कर कई उपखंडों में बांटा और मुआवजा राशि हड़प ली। इससे शासन को करोड़ों रुपये की आर्थिक हानि हुई।
इस मामले में पूर्व में न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध वारंट जारी कर कुर्की की कार्रवाई के आदेश दिए थे। हालांकि, हाईकोर्ट द्वारा गिरफ्तारी पर लगी रोक के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी। कल दिनांक 28 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के बाद ईओडब्ल्यू ने तीनों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों को 29 अक्टूबर 2025 को माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रायपुर में पेश किया गया, जहाँ से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बताया गया है कि 13 अक्टूबर 2025 को इस प्रकरण में 10 आरोपियों के विरुद्ध पहला अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जा चुका है, जिनमें दो लोकसेवक भी शामिल हैं। वहीं, कई अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में ईओडब्ल्यू की टीम लगातार दबिश दे रही है।
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