भीषण गर्मी में पानी के लिए त्राहिमाम, अरुण वोरा बाइक से पहुंचे बघेरा, सुनी लोगों की पीड़ा
45-46 डिग्री तापमान के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे रहवासियों ने बताई परेशानी, 2022 से पंप हाउस सफाई नहीं होने का आरोप
दुर्ग जिले के बघेरा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच गहराते पेयजल संकट को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मंगलवार से जल आपूर्ति बंद होने के कारण रहवासी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। इसी बीच पूर्व विधायक अरुण वोरा पार्षदों के साथ मोटरसाइकिल से तपती दोपहरी में बघेरा पहुंचे और नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
45 से 46 डिग्री तापमान और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के बीच बघेरा क्षेत्र में पेयजल संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी की किल्लत से परेशान रहवासियों ने आज पूर्व विधायक अरुण वोरा और पार्षदों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। तपती दोपहरी में मोटरसाइकिल से क्षेत्र पहुंचे अरुण वोरा ने घर-घर जाकर लोगों से बातचीत की और हालात का जायजा लिया।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि वर्ष 2022 के बाद से पंप हाउस की सफाई नहीं कराई गई है, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि मंगलवार से पानी सप्लाई पूरी तरह बंद है, जिसके कारण घरों में पीने के पानी तक का संकट खड़ा हो गया है। गर्मी के इस दौर में महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय नागरिकों ने जल संकट के साथ-साथ क्षेत्र की अन्य मूलभूत समस्याओं को भी जनप्रतिनिधियों के सामने रखा। लोगों का कहना था कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि भीषण गर्मी के समय लोगों को पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए परेशान होना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने, पंप हाउस की सफाई कराने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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