रायपुर में कथित सीक्रेट पूल पार्टी का पोस्टर वायरल, पुलिस ने शुरू की पड़ताल

₹4,999 एंट्री फीस और पेमेंट के बाद लोकेशन भेजने का दावा, मॉडल्स से मुलाकात के प्रचार की भी जांच; आयोजकों की तलाश तेज

रायपुर में कथित सीक्रेट पूल पार्टी का पोस्टर वायरल, पुलिस ने शुरू की पड़ताल

रायपुर। राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर कथित प्राइवेट पूल पार्टी का एक पोस्टर वायरल होने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। पोस्टर में ₹4,999 की एंट्री फीस, भुगतान के बाद गुप्त स्थान की जानकारी देने और मॉडल्स व एक्ट्रेस के साथ इंटरेक्शन का दावा किया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने पोस्टर की सत्यता और इसके पीछे जुड़े लोगों की जांच शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पोस्टर ने रायपुर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। पोस्टर में सीमित लोगों के लिए एक कथित प्राइवेट पूल पार्टी आयोजित किए जाने का दावा किया गया है। इसमें शामिल होने के लिए ₹4,999 की एंट्री फीस निर्धारित होने तथा भुगतान के बाद आयोजन स्थल की लोकेशन साझा करने की बात लिखी गई है।

पोस्टर में मॉडल्स और एक्ट्रेस के साथ इंटरेक्शन जैसी आकर्षक बातें भी प्रचारित की गई हैं। हालांकि आयोजन स्थल का नाम या पता सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे इसकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पोस्टर वायरल होने के बाद रायपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पोस्टर किसी वास्तविक आयोजन से जुड़ा है या फिर केवल सोशल मीडिया पर प्रचार और लोगों को आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया है।

जांच के दौरान पोस्टर साझा करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट, उससे जुड़े व्यक्तियों तथा संभावित आयोजकों की पहचान की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि यदि इस प्रकार का कोई कार्यक्रम प्रस्तावित है, तो उसके लिए संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं।

इधर, कथित पूल पार्टी को लेकर बजरंग दल ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि राजधानी में पहले भी इस तरह के पोस्टर सामने आते रहे हैं और यदि बिना अनुमति ऐसा कोई आयोजन किया जाता है तो उसका विरोध किया जाएगा।

फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल पोस्टर किसी वास्तविक कार्यक्रम से जुड़ा है या यह केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया भ्रामक प्रचार है।