बारिश से पहाड़ से मैदान तक आफत, केदारनाथ में लैंडस्लाइड से रास्ता बंद

यूपी के 26 जिले बाढ़ की चपेट में, MP के दमोह में कॉलोनियां जलमग्न; बिहार में 2,360 गांव प्रभावित

बारिश से पहाड़ से मैदान तक आफत, केदारनाथ में लैंडस्लाइड से रास्ता बंद

नई दिल्ली। मानसून की सक्रियता ने देश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। केदारनाथ में बादल फटने के बाद हुए भूस्खलन से पैदल मार्ग पर भारी मलबा और बोल्डर आ गए। उत्तर प्रदेश में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। मध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम फिर सक्रिय होने के बाद कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं बिहार में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं।

उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार को बादल फटने के बाद हालात बिगड़ गए। तेज बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्र में लैंडस्लाइड हुई और बड़ी संख्या में बोल्डर नीचे आ गिरे। इससे केदारनाथ जाने वाला पैदल मार्ग बंद हो गया। प्रशासन की ओर से रास्ते की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और मौसम को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई गई है।

राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। रुद्रप्रयाग के अलावा देहरादून, टिहरी, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

यूपी में नदियां उफान पर, सड़क और पुल डूबे

उत्तर प्रदेश में बारिश के साथ नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा-यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं। इसका असर 26 जिलों तक पहुंच चुका है। चार लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मिर्जापुर में बाढ़ के पानी से पुल प्रभावित हुआ है, जबकि फर्रुखाबाद में हाईवे का हिस्सा पानी में डूब गया है। इससे कई जगह आवागमन बाधित हुआ है।

दमोह में जलभराव से बिगड़ी स्थिति

मध्य प्रदेश में तीन दिन तक मानसून कमजोर रहने के बाद अब बारिश का दौर फिर शुरू हुआ है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में गुरुवार रात बारिश हुई। दमोह में लगातार पानी आने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और कई रिहायशी कॉलोनियों में पानी भर गया है।

बिहार में राहत शिविरों में हजारों लोग

बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य की 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति के चलते 2,360 गांव प्रभावित हैं। करीब 44 लाख लोगों पर इसका असर पड़ा है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए हैं, जहां 27,954 लोग रह रहे हैं।

हिमाचल में बारिश का दौर कमजोर

हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 3 से 10 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य रूप से करीब 40 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 17.5 मिमी बारिश ही दर्ज की गई। यह सामान्य से 56 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में करीब 3 डिग्री तक वृद्धि की संभावना जताई है।

हरियाणा में गर्मी और उमस से राहत नहीं

हरियाणा में बारिश की गतिविधियां कम होने से गर्मी और उमस बढ़ गई है। राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3.2 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। हालांकि उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ने के संकेत हैं।